लखनऊ। धोखाधड़ी के आरोपी शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीएमडी राशिद नसीम व उसके भाई निदेशक आसिफ नसीम पर सरकार ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। गृह विभाग की तरफ से दोनों ठग भाइयाें के अलावा अलावा कंपनी के पांच अन्य प्रमुख अधिकारियों आशीष कनौजिया, नितिन जायसवाल, जसीम खां, अभिषेक यादव और मो. शाहिद पर भी 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया। ये सभी फरार चल रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के मुताबिक राजधानी व प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में शाइन सिटी ग्रुप ने कार्यालय खोलकर एक दशक में हजारों लोगों आवासीय प्लॉट, विला, फ्लैट देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। शाइन सिटी के खिलाफ अकेले गोमतीनगर थाने में एक हजार से अधिक पीड़ितों ने 309 मुकदमे दर्ज कराए हैं। कंपनी के खिलाफ वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, नोएडा के अलावा दिल्ली, बिहार व अन्य प्रांतों में केस दर्ज हैं। इनमें कुल 57 लोग नामजद थे, जिसमें से 50 अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी सात अभियुक्तों में राशिद और आसिफ के अलावा आशीष कनौजिया, नितिन जायसवाल, जसीम खां, अभिषेक यादव और मो. शाहिद शामिल हैं। इनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन कर रहा है। उधर, वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि ठगी के आरोप में कंपनी के एक और कर्मचारी मुश्ताक आलम को बिहार के सीवान से वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा है।
शाइन सिटी पर तीन और मुकदमे दर्ज
शाइन सिटी के खिलाफ तीन और मुकदमे दर्ज हुए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने जमीन दिलाने के नाम पर उनसे 36 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ितों में भदोही, कानपुर और मेरठ के पीड़ित शामिल है। सभी ने डीसीपी पूर्वी कार्यालय में गुहार लगाई थी, जिसके बाद कार्रवाई हुई। प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक भदोही के भंडा के रहने वाले सुनील सिंह, पत्नी मधुबाला सिंह, साले सुशील सिंह, पिता दयाशंकर, मां सरस्वती देवी, परिचित राकेश सिंह, रामकुमार सिंह, गौरव गुप्ता, साधना देवी, मनोज मिश्रा और अशोक सिंह के साथ मिल कर करीब 22 लाख का निवेश किया था। वहीं कानपुर के कल्याणपुर निवासी सुनीता सिंह के पति जगपाल सिंह ने 11 लाख रुपये का निवेश किया था, जबकि मेरठ निवासी कृष्णकांत पांडेय ने शाइन सिटी की सॉलिटियर टाउनशिप में साढ़े तीन लाख रुपये में प्लॉट बुक कराया था। तीनोें मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। (माई सिटी रिपोर्टर)