फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुर्सी चीज ही ऐसी है

Tue, 16 Sep 2014 01:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
कुर्सी तो कुर्सी होती है। हर किसी की चाहत बड़ी कुर्सी की होती है। शिक्षा विभाग में चचा के नाम से पहचाने जाने वाले अफसर सब कुछ अपने हिसाब से ही करते थे।
विज्ञापन


सो वे जब रिटायर होने लगे तो अपने हिसाब से चार्ज देकर चले गए। हालांकि, सरकार ने अब स्थाई शिक्षा निदेशकों की तैनाती कर दी है।

लेकिन कार्यवाहक निदेशक बनने वाली एक मोहतरमा की खुमारी अब भी नहीं उतर पा रही है। जब से वे पुरानी कुर्सी पर भेजी गई हैं।

तब से उनका मन नहीं लग रहा है। पुराने दिनों की याद में खोई रहती हैं। मातहतों के बीच पुराने दिनों की ही चर्चा करती रहती हैं। चर्चा तो यह भी है कि वे नए साहब को हजम नहीं कर पा रही हैं, क्योंकि कुर्सी चीज ही ऐसी है।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें