आयुक्त कार्यालय परिसर में पानी की टंकी पर चढ़ी नाबालिग पीड़िता को आखिरकार पुलिस उतारने में सफल रही। पूरे पांच घंटे बाद पुलिस दबे पांव टंकी पर चढ़ी और पीड़िता को एक रस्सी में बांध कर सुरक्षित किया ताकि कूद न सके। इसके बाद समझाकर नीचे उतार लाई। पूरी कवायद पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की सहमति से रणनीति के तहत किया। सुबह दस बजे पानी की टंकी पर चढ़ी नाबालिग पीड़िता को नीचे लाने की कोशिश कई बार हुई।
पुलिस उपाधीक्षक नगर सौरभ वर्मा व नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने माइक से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, नीचे उतरने की अपील किया लेकिन पीड़िता एक भी बात नहीं मानी। वह गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी कर सामने लाने की मांग पर अड़ी रही।
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पीड़िता की मां व रिश्तेदारों को भी मौके पर बुलाकर समझाया गया। मां ने खुद की कसम तक दी, फिर भी वह नीचे आने को तैयार नहीं हुई। महिला अधिवक्ता रूचि मोदी ने भी अपील किया कि न्याय होगा, नीचे उतर आये। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई। फायर ब्रिगेड की टीम के साथ जाल व रस्सी के साथ पुलिस टीम चुपचाप बैठ गई। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी भी परिसर में एक अधिवक्ता के शेड में बैठ गये और पीड़िता के उतरने का इंतजार करने लगे।
पीड़िता भी चार घंटे तक बिना पानी के बैठे होने से थक गई। वह भी टंकी पर ढ़ाई बजे के आसपास सुस्त होकर बैठ गई। इसके बाद पुलिस ने उसे नीचे लाने का मिशन शुरू किया। चुपचाप टंकी पर चढ़े और उसे सावधानी पूर्वक उतार लाये। नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि पीड़िता को समझाया गया है, परिजनों के साथ उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। उच्चाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है।