कार्यशाला में बोलते राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह। -संवाद
लखनऊ। गोमती नदी का पुनरुद्धार केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, आजीविका और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ा मिशन है। ये बातें उप्र. राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित एक होटल में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण के लिए लंबी अवधि तक वैज्ञानिक रणनीति जरूरी है। कार्यशाला में गोमती नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने की ठोस रूपरेखा पर व्यापक मंथन हुआ।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल, ''''वाटरमैन ऑफ इंडिया'''' राजेंद्र सिंह और भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने नदी संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। महापौर सुषमा खर्कवाल ने शहरी स्तर पर सीवेज नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रतिबद्धता दोहराई। पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों ने बताया कि प्रदूषण का मुख्य कारण बिना उपचार का सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट है। नदी के किनारों पर अतिक्रमण, गाद जमाव और घटता जल प्रवाह भी बड़ी चुनौती है। इस पर सख्ती, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट और निगरानी तंत्र मजबूत करने पर सहमति बनी। वित्तीय सत्र में राज्य बजट, केंद्र योजनाओं, सीएसआर फंड, निजी निवेश और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए संसाधन जुटाने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में ''''वन सिटी वन ऑपरेटर मॉडल'''' और आधुनिक तकनीकों पर वीए टेक, सुएज इंडिया और अल्फामर्स ने अत्याधुनिक तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। विश्व बैंक की सुमिला गुल्यानी और डेविड मैल्कम लॉर्ड तथा जीआईजेड की लॉरा सस्टरसिक ने तकनीकी और वित्तीय सहयोग के अनुभव साझा किए। सेना की मध्य कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने भी विचार रखे। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आईएएस अक्षत वर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने एकीकृत कार्ययोजना पर सहमति जताई। समापन में मनोज कुमार सिंह ने भरोसा जताया कि विभागीय समन्वय, तकनीकी नवाचार और जनसहभागिता से ‘क्लीन गोमती 2026’ का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से हासिल किया जाएगा और गोमती को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाया जाएगा।
कार्यशाला में बोलते राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह। -संवाद