डॉक्टरों ने आननफानन ऑपरेशन कक्ष में ले जाकर 11 टांके लगाए। युवती का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा चाइनीज मांझा बांधकर पतंग उड़ाई जा रही थी।
पतंग कटने पर वह डोर खींच रहा था। सड़क से गुजरने के दौरान चाइनीज मांझा उसके गले में आ फंसा। अगर विजयलक्ष्मी को अस्पताल लाने में जरा सी देर और हो जाती तो उनकी जान भी जा सकती थी।
चिकित्सकों का कहना था कि उनके शरीर से काफी खून बह गया था। गले में लपेटा दुपट्टा खून से सराबोर था। घायल युवती ने भी साहस नहीं खोया।
चाइनीज मांझे से लगातार हादसे हो रहे हैं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में आए दिन कोई न कोई लहूलुहान हो रहा है। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
एसएसपी दीपक कुमार ने सभी थानेदारों को चाइनीज मांझा बेचने वाले पतंग विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए थे, इसके बाद भी किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। किसी भी थानेदार ने अपने थाना क्षेत्र के पतंग विक्रेताओं के यहां चेकिंग तक नहीं की। चाइनीज मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है।