ईवीएम से मतदान को पारदर्शी बनाने के लिए लागू की गई वीवीपैट मशीनों ने भी रविवार को हुए उप चुनाव में धोखा दे दिया। फूलपुर और गोरखपुर में 114 वीवीपैट मशीनें खराब हो गई। ईवीएम की 41 बैलेट यूनिट और 38 कंट्रोल यूनिट भी तकनीकी खामी के चलते बदलना पड़ा।
665 कैमरों से रखी नजर
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर 665 कैमरों से मतदान पर निगरानी रखी गई। 95 पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग भी कराई गई। वहीं, निगरानी के लिए 280 माइक्रो ऑब्जर्वर, 289 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 39 जोनल मजिस्ट्रेट और 20 स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त लगाए गए।
चुनाव वर्ष--फूलपुर--गोरखपुर
2014--50.16--54.65
2009--38.17--44.27
2004--53.58--48.13
1999--58.38--52.21
1998--57.61--51.21
1996--47.90--46.47
1991--47.80--53.07
1989--54.39--54.77