वार्ता के दौरान राजदूत फिलिप ने कहा कि जर्मनी और भारत के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं। वैज्ञानिक और सामाजिक विनिमय, जलवायु,पर्यावरण, सतत विकास और ऊर्जा जैसे अनेक क्षेत्रों में हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं। राजदूत फिलिप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। बीते छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बेहतर कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे, वॉटर वे और मेट्रो सहित परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं।
जर्मन राजदूत ने कहा कि वृहद पौधारोपण, सिंगल यूज पॉलीथिन पर रोक और नदी पुनर्जीवन जैसे प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण और इको सिस्टम को बेहतर करने में बड़ी भूमिका निभाई है। जर्मनी इन प्रयासों की सराहना करता है।
उत्तर प्रदेश के साथ विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग बढाने पर चर्चा करते हुए राजदूत फिलिप ने कहा कि जर्मनी उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रो लाइट परियोजनाओं में सहयोग करने को तैयार है। जर्मनी इस महत्वपूर्ण परिवहन परियोजना में अपना तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएगा।
उत्तर प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य की सराहना करते हुए जर्मन राजदूत ने कहा कि वर्तमान में आईआईटी कानपुर और एमएमएमयूटी गोरखपुर के साथ जर्मनी के संस्थान शोध, अनुसंधान और प्रशिक्षण में सहयोग कर रहे हैं। इंडो-जर्मन साइंटिस्ट काउंसिल, उत्तर प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ कार्य करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। निकट भविष्य में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
राजदूत फिलिप ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ हम कई क्षेत्रों में अच्छे सहयोगी की भूमिका में हैं। आगामी फरवरी में उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जर्मनी के अनेक उद्योग समूह उत्तर प्रदेश आने को इच्छुक हैं। यह समिट दोनों देशों के पारस्परिक संबंधों को और मजबूत करने वाला होगा।