उत्तर प्रदेश के निवासियों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार जिला एवं सामुदायिक केंद्रों पर एक हजार जन औषधि केंद्र खोलेगी।
गुरुवार को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की मौजूदगी में जन औषधि केंद्र खोलने को लेकर करार हुआ।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंदाविया ने बताया कि प्रदेश में 303 निजी जन औषधि केंद्र चल रहे हैं, जिनमें 600 जेनेरिक दवाईयां मिल रही हैं। इस करारा के साथ सरकारी अस्पतालों में भी जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। साथ ही जेनेरिक दवाओं की संख्या को बढ़ाकर एक हजार किया जाएगा।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि जन औषधि केंद्र सरकारी अस्पतालों में खोलने के लिए उन्हें नियमों में बदलाव करना पड़ा।
अभी तक सरकारी अस्पतालों में कोई भी कमर्शियल एक्टिविटी पूरी तरह से प्रतिबंधित थी। जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार को नियमावली में बदलाव करना पड़ा। सरकार की इस पहले के साथ ही प्रदेश वासियों को महंगी दवाओं के बोझ से जल्द छुटकारा मिल जाएगा।