लखनऊ। सरकारी अस्पतालों के जन औषधि केंद्रों पर सस्ती जेनेरिक दवाओं की जगह महंगी पेटेंट दवाएं बेची जा रही हैं। नतीजतन, मरीजों को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा और वे मजबूरी में महंगी दवाएं खरीदने को विवश हैं।
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में सोमवार को लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने ये आरोप लगाए। डालीबाग स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा और व्यापारी एवं पार्षद संदीप शर्मा ने कहा कि राजाजीपुरम के रानी लक्ष्मीबाई चिकित्सालय स्थित जन औषधि केंद्र पर निर्धारित दवाओं के स्थान पर पेटेंट कंपनियों की महंगी दवाएं बेची जा रही हैं। मरीजों को यह कहकर भ्रमित किया जाता है कि निर्धारित दवा उपलब्ध नहीं है, जबकि उसके विकल्प के रूप में महंगी दवा थमा दी जाती है। उन्होंने इसे मरीजों के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा और जन औषधि योजना के उद्देश्य के विपरीत है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने नाका क्षेत्र की समस्याएं उठाईं। उन्होंने बताया कि पुल चालू होने के बावजूद नाका क्षेत्र में सर्विस लेन अब तक नहीं बन सकी है। इससे नाका से डीएवी मार्ग पर आवागमन बाधित है और मालवाहक वाहन क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप व्यापारियों को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इनकी रही मौजूदगी
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, महामंत्री अनुराग मिश्रा, जितेंद्र सिंह चौहान, अतुल त्रिपाठी, उपाध्यक्ष साकेत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जौहर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता, मंत्री संदीप शर्मा, सदस्य नीलेश अग्रवाल, ऐश्वर्य शर्मा, संजीव अग्रवाल, तेज प्रताप, सतीश चंद्र मिश्रा, कैलाश जैन, रामगोपाल, नफीस अहमद, शिवम अवस्थी, गुलशन अवस्थी आदि।
जन औषधि केंद्रों पर बाहर की दवा बिकी तो होगी सख्त कार्रवाई
लखनऊ। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, उपाध्यक्ष साकेत शर्मा और पार्षद ऐशबाग संदीप शर्मा ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) आयुक्त डॉ. रोशन जैकब को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सरकारी अस्पतालों में संचालित जन औषधि केंद्रों की गहन जांच कराई जाए। व्यापारियों ने दोषी पाए जाने वाले केंद्रों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की। इस पर एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने आश्वस्त किया कि जन औषधि केंद्रों से केवल जेनेरिक दवाएं ही बेची जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोडीन सिरप माफिया पर कार्रवाई की जा रही है, उसी तर्ज पर जन औषधि केंद्रों पर बाहर की दवाएं बेचने वालों पर भी कठोर कार्रवाई होगी।