आईआईएम के साथ सरकार के मंत्रियों और अफसरों का मंथन रविवार को ठोस निष्कर्षों के साथ खत्म हुआ। प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्रों में गंभीर विचार-विमर्श किया गया। तय हुआ कि प्रदेश की तर्ज पर अब हर जिले के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना होगी। योगी ने कहा कि विकास पथ के लिहाज से मंथन कार्यक्रम काफी उपयोगी साबित हुआ। सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
उन्होंने कहा कि विभिन्न उप समितियों के माध्यम से मंथन कार्यक्रम लगातार चलता रहेगा। इसके लिए आईआईएम की निदेशक को एक प्रोग्राम तैयार करने के लिए भी कहा है। मंथन के कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार और आईआईएम के साथ प्रदेश के विकास के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
मंथन कार्यक्रम से निकले निष्कर्षों के बाद प्रदेश की जीडीपी की तर्ज पर जिले की भी जीडीपी का आकलन किया जाएगा। इसके लिए कार्य योजना बनाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने इस मंथन कार्यक्रम में भाग लिया। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 10 खरब डॉलर के बारे में व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।
मंथन के तहत हमने प्रदेश के विकास के लिए पांच प्राथमिकता वाले सेक्टर चिह्नित किए हैं। उन पांच सेक्टरों में बेहतर कार्य के लिए विचार-विमर्श किया गया। औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने और पर्यटन के क्षेत्र में विकास पर मंथन किया गया। एक जिला-एक उत्पाद योजना पर कारगर ढंग से बढ़ने की कार्ययोजना भी तैयार की।
प्रदेश के अंदर तीन एक्सप्रेस-वे की कार्य योजना तैयार की गई। इससे होने वाले लाभों पर भी बात हुई। हमने ढाई वर्ष में 1 लाख 67 हजार मजरों में बिजली पहुंचाकर आम लोगों के जीवन को बदलने का काम किया। 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए कार्य योजना तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि के साथ मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण में अपार संभावनाएं हैं।
हमने इन क्षेत्रों में भी संभावनाओं को बेहतर मैनेजमेंट से आगे बढ़ने की प्लानिंग की है। सीएम ने बताया कि ग्रोथ रेट को आगे बढ़ाने वाले विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। निवेश बढ़ाने के लिए बेहतर कानून व्यवस्था जरूरी है, इसके लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। परिणाम भी सामने हैं। पुलिस के आधुनिकीकरण, पुलिस विश्वविद्यालय, फोरेंसिक लैब और साइबर लैब बनाई जा रही है।