पशुपालन विभाग में कारोबारियों को आटा-नमक का ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में रिटायर्ड आईपीएस अफसर अरविंद सेन समेत 20 के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। गिरोह का सरगना आशीष राय है। गिरोह में सचिवालय में तैनात तीन निजी सचिव व सिपाही शामिल थे। सभी के खिलाफ प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला ने यूपी गिरोह बंद समाज विरोधी क्रिया कलाप अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक उक्त गिरोह गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली व मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के बड़े कारोबारियों को यूपी में ठेका दिलाने के नाम पर फुसलाते थे। फिर उन्हें सरगना आशीष से विधान भवन में मिलवाया जाता था। आशीष विधान भवन स्थित अधिकारियों व मंत्रियों के कमरे में बैठकर खुद को उनका करीबी बताकर काम दिलवाने का भरोसा दिलाता था। इसके बाद गिरोह अलग-अलग मदों में करोड़ों रुपये हड़प लेते थे। व्यापारियों के विरोध करने पर गिरोह में शामिल पत्रकार और पुलिस अधिकारी से उन्हें धमकी दिलवाई जाती थी।
मप्र के व्यापारी की शिकायत पर सामने आया था फर्जीवाड़ा
मध्य प्रदेश के व्यापारी मंजीत भाटिया ने नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। एसटीएफ की जांच में पूरा मामला सामने आया और 13 जून 2020 को हजरतगंज में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इनके खिलाफ गैंगस्टर
आशीष राय, रुपक राय, उमाशंकर तिवारी, अनिल राय, त्रिपुरेश पांडेय उर्फ रिंकू, सचिन वर्मा, रजनीश दीक्षित, धीरज कुमार देव, अखिलेश कुमार उर्फ एके राजीव, रघुवीर प्रसाद, संतोष मिश्रा, सुनील गुर्जर, दिलबार यादव, अमित मिश्रा, रिटायर्ड आईपीएस अफसर अरविंद सेन, उमेश मिश्रा, अरुण राय, प्रवीण राघव, महेंद्र तिवारी, लोकेश मिश्रा।