मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि कैबिनेट से पास विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगति के निर्णयों में तत्काल विभागीय आदेश जारी किए जाएं।
इसमें विलंब होने पर संबंधित अधिकारी दंडित किए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों के प्रमुख सचिव व विभागाध्यक्षों से कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नियमानुसार प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए हैं।
कहा, असाध्य रोगों के निशुल्क इलाज की सुविधा रिटायर्ड कर्मचारियों को भी दी जाए। इस पर जल्द निर्णय हो। मुख्य सचिव गुरुवार को कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। कर्मचारियों का भी दायित्व है कि वे जनहित की योजनाओं का क्रियान्वयन अच्छे से करें। आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों से राय लेकर कर्मचारियों की समस्याओं का हल करने के निर्देश भी दिए।