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शाइन सिटी का खेल : रजिस्ट्रेशन 58 भूखंड का, बुकिंग 3000 की, पूरे यूपी में फैला 'मायाजाल'

Wed, 24 Apr 2019 03:17 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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रेरा की जांच में लखनऊ समेत कई शहरों में काम कर रहे बिल्डर शाइन सिटी का फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिल्डर ने लखनऊ में 58 भूखंड की परियोजना का पंजीकरण कराकर 3000 की बुकिंग कर ली। योजना का क्षेत्रफल भी 18 गुना अधिक मिला।

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विकासकर्ता अमिताभ श्रीवास्तव, राजीव कुमार सिंह और आसिफ नसीम के द्वारा आवंटियों के साथ धोखाधड़ी कर भूखंड बेचने की बात रिपोर्ट में कही गई है। सॉलिटेयर सिटी में भी बिल्डर ने 600 भूखंड बताए। यहां भी 1270 भूखंड की बुकिंग मिली है। रेरा सचिव अबरार अहमद ने बिल्डर का पंजीकरण निरस्त करने की सिफारिश की है।

18 गुना हो गया प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल
रेरा सचिव को तकनीकी सलाहकार की सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक शाइन वैली फेज-1 के लिए बिल्डर कंपनी के निदेशक राशिद नसीम और आसिफ नसीम ने पंजीकरण के समय क्षेत्रफल 14,330 वर्गमी. बताया। जांच के समय शाइन वैली एक्सटेंशन, ग्रीन होम्स, ड्रीम होम्स इसी प्रोजेक्ट का भाग निकले। कुल क्षेत्रफल मौके पर प्रोजेक्ट का इससे 2,47,842 हो गया।
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आवंटियों की संख्या पोर्टल पर मात्र 58 बताई गई। सुनवाई के समय बाद में इसे बढ़ाकर 1000 बताया गया। तीन योजनाओं में बिना पंजीकरण भूखंड बेचे गए। इसी तरह पैराडाइज गार्डन में तो बिल्डर ने 38 भूखंडों का विकास दिखाया। यहां बुकिंग कर कितना पैसा आवंटियों से लिया गया। इसकी कोई जानकारी रेरा की तकनीकी टीम को नहीं दी गई।

देखें, इनमें मिली गड़बड़ियां

इनमें मिली गड़बड़ियां
शाइन वैली फेज-1, पैराडाइज गार्डन, सालिटेयर सिटी, जेवियर सिटी, नेचर वैली समृद्धि गुल्लक, वैदिक विहार फेज-1 व फेज-2 में नियमों की अनदेखी के अलावा वित्तीय अनियमितताएं भी मिली हैं।

600 भूखंड पर दोगुनी बुकिंग कर ली
सॉलिटेयर सिटी 600 भूखंड का प्रोजेक्ट बताया गया। यहां बिल्डर ने 1270 की बुकिंग ले ली। 650 प्लॉट्स की रजिस्ट्री भी कराई जा चुकीहै। एलडीए से इसका मानचित्र भी स्वीकृत नहीं कराया गया। प्रोजेक्ट पर काम बंद है। आंकड़ों में अंतर व रकम का पूरा ब्यौरा न देने पर मनी लॉन्ड्रिंग की

40 भूखंड, 600 बुकिंग
जेवियर सिटी प्रोजेक्ट में बिल्डर ने 40 भूखंड विकसित किए। मौके पर 650 बुकिंग मिली, जिसमें से 150 आवंटियों की रजिस्ट्री भी हो गई। वैदिक विहार-1, वैदिक विहार-2 में भी अनियमितताएं मिली हैं।
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एक प्रोजेक्ट, तीन नामों से बेच डाला

लखनऊ में ही बिल्डर ने नेचर वैली के नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया। शिकायत मिलने पर जब रेरा ने जांच कराई तो पता चला कि इस प्रोजेक्ट को नेचर वैली के अलावा समृद्धि गुल्लक, समृद्धि गुल्लक नेचर वैली के नाम से भी बेचा गया।

यहां 725 भूखंड बुक किए गए। इनमें से 329 की रजिस्ट्री भी कराई गई है। यहां केवल 30 प्रतिशत ही विकास कार्य हुए हैं, फिलहाल यहां काम बंद है। रेरा को जिला पंचायत में मानचित्र को स्वीकृति के लिए लंबित होने की जानकारी बिल्डर ने दी। ऐसे में साफ है कि प्रोजेक्ट के लिए सक्षम स्तर से स्वीकृति नहीं ली गई।

पूरे प्रदेश में फैला ‘मायाजाल’
सचिव अबरार अहमद ने बताया कि शाइन सिटी के उत्तर प्रदेश में चल रहे सभी प्रोजेक्ट की जांच कराई गई। कानपुर देहात, आगरा, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, फ तेहपुर, गोरखपुर, बाराबंकी में भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

किसी भी प्रोजेक्ट का पंजीकरण रेरा में नहीं कराया गया है। कई अनियमितताएं भी सामने आई हैं। बिल्डर से अब 20 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। 15 दिन का समय बिल्डर के पास है। 29 अप्रैल को सुनवाई होगी।
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