लखनऊ। बेरोजगारों को ठगने के लिए जालसाजों ने कंपनी बनाई। इसके बाद सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का दावा किया। झांसे में आए 16 बेरोजगारों से 40 लाख रुपये ऐंठ लिए। शातिरों ने युवकों को फर्जी तरीके से ट्रेनिंग भी दिला दी। जब ठगी का पता चला तो रुपये वापस मांगे। जिस पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित बेरोजगारों ने गोमतीनगर थाने में कृषि कुंभ नाम की कंपनी के निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, विकास तिवारी गोंडा के मनकापुर के रहने वाले हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर कृषि कुंभ कंपनी के बारे में जानकारी मिली। कंपनी कार्यालय विभूतिखंड इलाके में था। इस कंपनी ने यूपी के 75 जिलों में जिला विक्रय अधिकारी, विक्रय अधिकारी और किसान सहायक के पद पर भर्ती कराने का दावा किया। जिसमें 34 से 12 हजार रुपये तक वेतन दिया जाना था। विकास केमुताबिक, उनके अलावा सत्यजीत पांडेय, आकाश, अनूप कुमार, सुशील दुबे, दुर्गेश यादव, रुपेश मिश्रा, विवेक तिवारी, दुर्गेश कुमार, विनीत सिंह, अभिषेक मिश्रा, शिवपूजन पांडेय, हिमांशु तिवारी, संदीप सेंगर, आरिफ बेग व आदर्श कुमार ने कृषि कुंभ में रजिस्ट्रेशन कराया था।
आरोप है कि कंपनी के प्रबंधक अरुण दुबे, एचआर हेड शहबाज खालिद, खालिद अहमद ने साक्षात्कार लेने के बाद कुछ कागजों पर दस्तखत कराए थे। अलग-अलग पदों पर नियुक्ति के लिए सिक्योरिटी मनी व अन्य मद में कुल 40 लाख रुपये लेकर हड़प लिए। सभी को जालसाजों ने नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और विजिटिंग कार्ड भी दे दिए। यही नहीं जालसाजों ने आईएएस अधिकारी के रूप में परिचय देने वाले हीरालाल व बैंक से रिटायर अधिकारी मुनीश से प्रशिक्षण भी दिलाया। नियुक्ति होने के बाद भी किसी को वेतन नहीं मिला। तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। रकम वापस मांगने पर टालमटोल करने लगे। कुछ को चेक दिया जो बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी कार्यालय पर ताला बंदकर फरार हो गए। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, पीड़ितों की तहरीर पर अरुण दुबे, शहबाज खालिद, खालिद बेग, विकास गुप्ता, हीरालाल और मुनीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
सहायक अध्यापक बनाने के नाम पर 8 लाख ठगे
गोमतीनगर के विरामखंड-5 निवासी रविंद्र वर्मा का परिचय अंबेडकरनगर के संदीप से थी। दोनों का घर आना-जाना था। संदीप ने दावा किया कि उसका बड़ा भाई राधेश्याम शिक्षा विभाग में तैनात है। सहायक अध्यापक की नियुक्ति होने वाली है। उसमें नौकरी लगवा देगा। रविंद्र ने अपने बड़े भाई विष्णु कुमार को बताया। विष्णु ने पत्नी और भाई की नौकरी लगवाने के लिए बात तय की थी। दोनों लोगों से सवा आठ लाख रुपये लिए थे। सहायक अध्यापक की सूची आने पर रविंद्र और उसकी भाभी का नाम नहीं आया था। जिस पर विष्णु ने राधेश्याम और संदीप से रुपये वापस मांगे तो उन्हें धमकी दी गई। विष्णु ने डीसीपी पूर्वी से शिकायत की जिस पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नर्स से सवा लाख की ठगी
विभूतिखंड इलाके में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की नर्स प्राची वर्मा से जालसाजों ने बहन की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर ली है। प्राची का आरोप है कि बड़ी बहन की नौकरी लगवाने के लिए इन्दिरानगर सेक्टर-14 निवासी यश सिंह से संपर्क किया था। जिसने सवा लाख रुपये लेने के बाद भी नौकरी नहीं दिलाई। पीड़िता के मुताबिक यश ने खुद को ऑटो शोरूम का मालिक बताते हुए बातों में उलझाया था। पीड़िता की तहरीर पर विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।