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सरकारी विभागों में नौकरी का झांसा देकर 1.71 करोड़ रुपये ठगे

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लखनऊ। जालसाज ने सेवा अस्पताल में तैनात चिकित्सक व उनके रिश्तेदारों को रेलवे, स्वास्थ्य व अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 1.71 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने चिकित्सक को फर्जी नियुक्ति पत्र भी पकड़ा दिया। जब फर्जीवाड़े का पता चला तो पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित चिकित्सक ने कोर्ट में अर्जी डाली जिस पर कोर्ट के आदेश पर महानगर थाने में केस दर्ज किया गया।
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प्रभारी निरीक्षक महानगर दिनेश मिश्रा के मुताबिक , मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले डॉ. प्रेम प्रकाश सुमन मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर स्थित सेमरा बसंत बिहार में रहते थे। इस समय वह खीरी के सदर इलाके में रह रहे हैं। डॉ. प्रेम प्रकाश के मुताबिक, वह सृजन नर्सिंग सेवा संस्थान में नर्सिंग प्राचार्य के पद कार्यरत हैं। जब वह लखनऊ में सेवा अस्पताल में तैनात थे। 2011 में अंशुमान श्रीवास्तव से मुलाकात हुई थी। 2019 में अंशुमान ने बताया कि वह एक प्लेसमेंट कंपनी राइजिंग स्टार चला रहा है।
इस कंपनी के जरिए वह बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाता है। उसने रावेंद्र कुमार को बुआ का बेटा बताकर मुलाकात कराई। उसके जाल में फंसे डॉ. प्रेम प्रकाश ने अपनी पत्नी यामिनी, भाई धर्मराज, भतीजे हेमंत, कौशल की रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए बात की। आरोपी ने धीरे-धीरे कर चारों को नौकरी दिलाने के नाम पर 67 लाख रुपये वसूल लिए। डॉ. प्रेम प्रकाश के मुताबिक, मित्र राकेश राठौर व अन्य लोगों ने भी रेलवे में नौकरी के नाम पर अंशुमान व रावेंद्र से संपर्क किया। इन लोगों से भी लाखों रुपये ऐंठ लिये। आरोप है कि दोनों ने मिलकर 1.71 करोड़ रुपये नौकरी के नाम पर ठगे। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अंशुमान श्रीवास्तव, रवेंद्र कुमार, उसकी पत्नी ममता के खिलाफ ठगी, कूटरचना सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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कभी दिल्ली तो कभी ग्वालियर बुलाया गया
आरोप है कि जब भी नौकरी के लिए बात की तो ठगों ने उन्हें कभी दिल्ली तो कभी लखनऊ व ग्वालियर बुलाया। फिर रेलवे में नौकरी का सभी को एक नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया। जब पड़ताल की गई तो नियुक्ति पत्र फर्जी निकला। इस पर रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद उनको धमकी देने लगे। आरोप है कि रुपये की मांग करते हुए वह रावेंद्र के घर गये। जहां उसकी पत्नी ममता ने शपथ पत्र देकर रुपये वापस देने की बात कही। आरोप है कि डॉक्टर के परिवार से 67 लाख व करीबी आठ लोगों से 1.04 करोड़ रुपये हड़प लिये। पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस पर उन्होंने कोर्ट में अर्जी डाली। जिस पर
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