सरकार की प्राथमिकता वाले डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क में टाइल्स लगाने के नाम पर एलडीए के अभियंता करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
यहां करीब डेढ़ से दो साल पुरानी टाइल्स को हटा कर उनकी जगह नई टाइल्स लगाने का काम किया जा रहा है। यह काम लगभग दो करोड़ रुपये का है।
माना जा रहा है कि कई जगह पुरानी टाइल्स का मलबा भी गायब है। आशंका जताई जा रही है कि पुरानी टाइल्स को ही चमका कर दोबारा लगाया जा रहा है।
एलडीए कर्मचारी यूनियन की ओर से इस पूरे मसले की जांच करने और पुरानी टाइल्स को सामने लाने की मांग की है।
दूसरी ओर, सचिव ने भी लोहिया पार्क में निर्माण की फाइल बिना उनको दिखाए स्वीकृत किए जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए इस संबंध में आदेश किया है कि बिना उनको दिखाए, इस पार्क की कोई भी पत्रावली पास नहीं की जाएगी।
लोहिया पार्क में सरकार को दिखाने के लिए किए जाने वाले काम अब कमाई का बढ़िया साधन प्राधिकरण के इंजीनियरों के लिए बन गए हैं। कुछ वर्ष पहले ही लगे टाइल्स को तोड़कर नए टाइल्स लगवाए जा रहे हैं।
एलडीए कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह का आरोप है कि निकाली गई टाइल्स ही दोबारा लगाई जा रही हैं। ऐसा कर अधिकारी और इंजीनियर जम कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
2 करोड़ से ज्यादा का किया टेंडर
राज्य में 2012 में नई सरकार आई थी, तब यहां नए टाइल्स लगाए गए थे। अब लोहिया पार्क के भीतर बनी झील के चारों तरफ लगी टाइल्स को तोड़कर उनकी जगह नई टाइल्स लगवाए जा रहे हैं।
इसके लिए पिछले दिनों ही टेंडर हुआ था। यह टेंडर दो करोड़ रुपये से भी अधिक का था। कर्मचारी संघ का आरोप है कि अधिकारी और योजना का काम देख रहे इंजीनियर इसकी आड़ में भारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
सचिव के पास क्यों नहीं जा रही हैं फाइलें
एलडीए के सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी का कहना है कि उनके पास लगातार लोहिया पार्क की फाइलें नहीं आ रही हैं। जबकि, काम पर कोई रोक नहीं है।