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Lucknow: दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों से वसूली करने में दरोगा समेत चार पुलिसवालों पर मुकदमा, निलंबित

Wed, 19 Jun 2024 11:26 AM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अयोध्या हाईवे पर दूसरे राज्यों के बस चालकों को चालान और सीज करने की धमकी देने के मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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अयोध्या हाईवे पर दूसरे राज्यों के बस चालकों से वसूली का बड़ा खेल उजागर हुआ है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था की जांच में मामला पकड़ में आया। इसके बाद मंगलवार रात विभूतिखंड थाने में ट्रैफिक पुलिस के दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। सभी निलंबित कर दिए गए। इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।

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संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वसूली की शिकायत मिली थी। इसके बाद कराई गई जांच में दरोगा उमेश सिंह, सिपाही शुभम कुमार, विवेक विशाल दुबे और सचिन कुमार दोषी पाए गए। इन सभी को निलंबित कर अवैध वसूली की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। विवेचना के दौरान भ्रष्टाचार अधिनियम का भी केस बढ़ाया जाएगा। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि ये सभी पुलिसकर्मी रात में दूसरे राज्यों से आने वाली बसों को रोकते थे फिर चालान और सीज करने की धमकी देकर चालकों से वसूली करते थे। पुख्ता सुबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

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परिचालक बन बैठा पुलिसकर्मी...चंद मिनट में जुटाए सुबूत
शिकायत मिलने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त ने साक्ष्य जुटाने के लिए स्टिंग कराया। इसमें एक पुलिसकर्मी को दूसरे राज्य की बस में बैठाया। जैसे ही वह कमता तिराहे पर पहुंची, इन पुलिसवालों ने रोक लिया। कागज देखे और फिर वसूली की रकम मांगी। पुलिसकर्मी ने इसका ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो भी बना लिया। जांच में इन्हें शामिल किया, जिसके आधार पर चारों को दोषी बनाया गया।
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पुलिसकर्मी बोला...एक हजार रुपये देनी होगी एंट्री फीस
चारों पुलिसकर्मी बेखौफ होकर वसूली कर रहे थे। जेसीपी की जांच में सामने आया कि बस चालक से सीधे एक हजार रुपये मांगे गए। बोला गया कि यह एंट्री फीस है। न देने पर चालान होगा या गाड़ी सीज की जाएगी। इससे आरोपी पुलिसकर्मियों की वसूली का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बाहर का नंबर देख रुकवाते वाहन
यह सिर्फ एंट्री पॉइंट का मामला है। अमूमन शहर के अलग-अलग एंट्री पॉइंट पर पुलिसकर्मी बाहरी नंबर के वाहन देखते ही तुरंत रुकवाते हैं। इसके पीछे कारण सिर्फ वसूली रहता है। पिछले सप्ताह कमता चौकी में एक बस के परिचालक को पुलिसकर्मियों ने पीटा भी था। मामले में पांच पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना है कि अगर कहीं कोई वसूली करे तो तुरंत वह उनसे शिकायत कर सकता है। जो भी पुलिसवाले ऐसा करते पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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