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मरीजों की जान के दुशमन बन गए ये अस्पताल

Fri, 07 Nov 2014 02:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मोहनलालगंज इलाके में बगैर पंजीकरण चल रहे चार अस्पतालों पर गुरुवार को सीएमओ की टीम ने छापा मारा।
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एक अस्पताल के बाहर केजीएमयू समेत सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के नाम बड़े अक्षरों में लिखा था। वहीं, एक अस्पताल का संचालक मौके से फरार हो गया।

मोहनलालगंज के चार अस्पतालों में सीएमओ की टीम ने छापेमारी की। सुमित्रा हॉस्पिटल में दो मरीज भर्ती मिले।

इस अस्पताल में केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग के एक बड़े डॉक्टर समेत अन्य सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों का नाम बड़े बड़े अक्षरों में लिखा था।

अस्पताल में मौजूद होम्योपैथ के डॉक्टर एसके मिश्रा से पंजीकरण के कागज की मांग की गई तो वे कागज नहीं दिखा सके।

इसके बाद टीम ने न्यू अवध अस्पताल पर छोपेमारी की तो लेबर रूम में दो महिलाएं मिली लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिला।

सिसेंडी बाजार के पौरुष हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टि सेंटर में छापेमारी की तो वहां पर बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से लेकर सब कुछ फेल मिला।
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किसी अस्पताल के पास नहीं थे पंजीकरण के कागज

सावित्री अस्पताल में भी यही हाल रहा। इस अस्पताल में सिर्फ चार बेड थे। यहां पर भर्ती मरीजों का इलाज जान जोखिम में डालकर किया जा रहा था।

छापेमारी टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. जीएस वाजपेई और डॉ. राजेंद्र चौधरी ने बताया कि किसी अस्पताल के पास पंजीकरण के कागज नहीं मिले और सभी दुकान में चल रहे थे।

छापेमारी के दौरान कोई डॉक्टर या ट्रेन्ड स्टॉफ नहीं था। अस्पतालों के बाहर कई जाने-माने डॉक्टरों के नाम लिखे हुए थे। इन नामों को देखकर ही मरीज भ्रमित हो रहे थे।

सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है िक सुमित्रा, सावित्री, पौरुष और न्यू अवध अस्पताल पर छापेमारी की गई थी। सभी अस्पतालों का पंजीकरण नहीं था।

छुट्टी का दिन होने के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी थी। आज छापेमारी टीम में मौके पर पहुंचकर पुलिस और मजिस्ट्रेट की मदद से कार्रवाई करेगी।
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