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हाईकोर्ट ने कहा - लखनऊ समेत 5 शहरों में लॉकडाउन पर विचार करें, सरकार ने कहा - नहीं लगेगा लॉकडाउन

Mon, 19 Apr 2021 09:41 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद योगी सरकार राजधानी लखनऊ समेत पांच शहरों में लॉकडाउन नहीं करेगी। सरकार ने हाईकोर्ट का आदेश मानने से इनकार करते हुए कहा है कि जीवन बचाने के साथ गरीबों की आजीविका भी बचानी है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तेजी से फैलते कोरोना वायरस के मामलों के बीच सोमवार को प्रदेश के पांच सर्वाधिक प्रभावित शहरों लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। इस दौरान सिर्फ स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाओं को ही अनुमति दी जाएगी। शिक्षण संस्थाओं को भी बंद रखने का आदेश दिया है। साथ ही, राज्य सरकार को संक्रमण रोकने के लिए प्रदेश में दो हफ्ते तक पूर्ण लॉकडाउन लागू करने पर विचार करने का भी निर्देश दिया है। हालांकि सरकार ने लॉकडाउन लगाने से इनकार कर दिया है।

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योगी सरकार की ओर से कहा गया है कि स्थिति नियंत्रित करने को लेकर कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्ती की जाएगी। जीवन बचाने के साथ ही लोगों की आजीविका को भी बचाना है। इसके चलते शहरों में संपूर्ण लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। 

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा व जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, इस आदेश में हमने पूर्ण लॉकडाउन नहीं लगाया है, इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें इसमें विश्वास नहीं है। हम अभी भी इस निश्चित मत पर हैं कि यदि कोरोना की चेन तोड़ना चाहते हैं तो कम से कम दो सप्ताह का पूर्ण लॉकडाउन अनिवार्य है। अगली सुनवाई 26 अप्रैल को करेगी। इस बीच, सोमवार को बीते 24 घंटे में प्रदेश में 167 संक्रमितों की मौत हो गई। 28287 नए संक्रमित मिले हैं। लखनऊ में 5897 मरीज मिले हैं। वहीं, एक्टिव मरीजों की संख्या पहली बार दो लाख पार कर 208523 पहुंच गई है।
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दवा के अभाव में दम तोड़ रहे लोग
कोर्ट ने पिछले निर्देशों पर शासन की कार्रवाई को संतोषजनक नहीं माना। कहा, लोग सड़कों पर बिना मास्क के चल रहे हैं। संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में दवा और ऑक्सीजन की भारी कमी है। लोग दवा के अभाव में दम तोड़ रहे हैं और सरकार की ओर से कोई फौरी योजना नहीं बनाई गई। न ही पहले से कोई तैयारी की गई। डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ सहित मुख्य मंत्री तक संक्रमित हैं। संकट से निपटने के लिए सरकार के लिए तुरंत इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना मुश्किल है, लेकिन युद्धस्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।





नाइट कर्फ्यू आंख में धूल झोंकने जैसा
हाईकोर्ट ने कहा, नाइट कर्फ्यू और सप्ताहांत कर्फ्यू आंख में धूल झोंकने के सिवाय कुछ नहीं है। अदालत कुछ लोगों की लापरवाही का खामियाजा आम जनताको भुगतने के लिए छोड़ नहीं सकती।

लोग खुद से कई जगह बंदी कर रहे : सरकार
आदेश पर जवाब देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा, वायरस को रोकने के लिए कड़े प्रतिबंध आवश्यक है और सरकार इस दिशा में कई कदम उठा रही है। लोग कई जगहों पर खुद ही बंदी कर रहे हैं।

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