मेडिकल स्टोर से सर्जरी ग्लब्स खरीदता प्रत्यूष का साथी
क्षेत्राधिकारी महानगर संतोष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी अपराध दीपक कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार पांडेय ने पांचों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। खुलासा हुआ कि प्रत्यूषमणि ने अपने मोहल्ले के सलमान, अदनान और उनके दोस्तों को हत्या के प्रयास में फंसाने के लिए खुद पर हमले की साजिश रची थी।
खुद ही दोस्त के साथ अमीनबाद के गड़बड़झाला में 250 रुपये में मांस काटने वाला चाकू खरीदा। अंगुलियों के निशान से बचने के लिए मेडिकल स्टोर से सर्जरी ग्लब्स मंगाए थे। घटनास्थल से कुछ दूरी पर ठेले पर अंडे खाने के साथ सीसीटीवी कैमरे व पुलिस की गतिविधियों का जायजा लिया था। महानगर के एक मेडिकल स्टोर में महेंद्र गुप्ता द्वारा सर्जरी ग्लब्स खरीदे जाने के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं।
प्रत्यूषमणि त्रिपाठी ने अपने सबसे विश्वस्त आशीष अवस्थी से कातिलाना हमला करने को कहा लेकिन वह वफादारी की दुहाई देते हुए रो पड़ा। इस पर अनिल राणा को चाकू थमाया। डांटते हुए कहा कि 307 का केस न बना तो पड़ोसी जेल नहीं जा पाएंगे। शराब के नशे में अनिल ने प्रत्यूष के कंधे पर चाकू से वार किया तो उसने फटकार लगाई।
कहा कि सीने के पास गंभीर चोट आनी चाहिए। प्रत्यूष के तन पर सदरी व अन्य कपड़े देखते हुए अनिल राणा ने जोरदार वार किया, लेकिन ध्यान रखा कि उसके हृदय पर चोट न आए। प्रत्यूष को घायल होकर गिरते देख पांचों समर्थक उसे उठाने दौड़े। उसने डांटकर भगाया। कहा कि कॉल आने पर ट्रॉमा सेंटर पहुंचना।
क्षेत्राधिकारी अपराध दीपक कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्यूषमणि त्रिपाठी ने कुकरैल फ्लाईओवर में मिट्टी का ठेका लिया था। आवागमन के दौरान उसने बंद पड़े पेट्रोलपंप के सामने डॉ नकुल सिन्हा के घर से सटी सड़क को चुना। ऐसे स्थान पर हमला कराया कि फैजाबाद रोड पर आवागमन करने वाले लोग उसे घायल पड़ा देख सकें। रात 10:35 से 10:37 के बीच हमला करके समर्थकों के चले जाने के तीन मिनट बाद एक राहगीर को देखकर शोर मचाया। सड़क हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम को तसल्ली से लेटे हुए सलमान द्वारा कातिलाना हमले की कहानी सुनाई। पुलिस टीम ने आनन फानन में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां भी सलमान द्वारा हमले की रट लगाए रहा और थोड़ी देर बाद दम तोड़ दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती ने बताया कि सड़क पर घायल मिले युवक की पहचान भाजयुमो नेता प्रत्यूषमणि त्रिपाठी के रूप में होते ही पुलिस ने उनकी पत्नी प्रतिमा त्रिपाठी को फोन करके हादसे की जानकारी दी। प्रतिमा ने प्रत्यूषमणि के साथ 3 दिसंबर की शाम छह बजे घर से निकले आशीष को फोन किया और आशीष ने अन्य समर्थकों को कॉल करके ट्रॉमा सेंटर पहुंचने को कहा। इस दौरान अनिल राणा सरोजनीनगर के न्यू गुड़ौरा स्थित अपने आवास पर पहुंच चुका था, जबकि महेंद्र, प्रभात और अमित अवस्थी अपने नेता के घायल होने की सूचना के इंतजार में इलाके में भ्रमण करते रहे।