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ऐशबाग में बनेगा लखनऊ का पहला रेंटल कॉम्प्लेक्स, मिलेंगी ये सुविधाएं

Mon, 14 Sep 2020 11:23 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रवासी कामगारों के लिए लखनऊ का पहला रेंटल कॉम्प्लेक्स ऐशबाग में बनेगा। यहां कम किराए में सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। एलडीए इसमें एक रूम सेट के अलावा 1-बीएचके फ्लैटों का निर्माण भी पीपीपी मॉडल पर करेगा। इसके  लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को आर्किटेक्ट सलाहकार के चयन के लिए प्री-बिड बैठक भी एलडीए में होगी।
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मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि ऐशबाग में ईदगाह के सामने नजूल की जमीन के दो भूखंड एलडीए के पास हैं। इन जमीनों पर संयुक्त रूप से एक रेंटल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा। यहां करीब 10448.80 वर्गमी. जमीन एलडीए के पास उपलब्ध है।

प्राइम लोकेशन की इस जमीन पर 13 मंजिला बिल्डिंग बनाने की योजना है। आर्किटेक्ट सलाहकार की डिजाइन पर ऊंचाई बढ़ाई भी जा सकती है, जिससे अधिक मकान बन सकेंगे। अभी करीब 150 यूनिट यहां बन सकते हैं। ऐशबाग केे बाद दूसरे इलाकों में भी इस तरह के रेंटल कॉम्प्लेक्स के निर्माण करने के लिए जमीन चिह्नित कराई जा रही है।
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5000 रुपये से कम रहेगा किराया
एलडीए बहुमंजिला इमारत में जरूरी सुविधाओं जैसे अटैच्ड बाथरूम, हवादार बैडरूम, बालकनी और किचन की सुविधा देगा। इसका किराया 5000 रुपये या इससे कम रहेगा। यह किराया 1-बीएचके फ्लैट का होगा जोकि करीब 30 वर्गमी. साइज का होगा। वहीं, वन रूम सेट जोकि स्टूडियो अपार्टमेंट की तरह होगा। इसका किराया करीब 3500 रुपये रहेगा। किराया निजी विकासकर्ता की सहमति से एलडीए तय करेगा।
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एलडीए ने बुलाए आर्किटेक्ट

एलडीए ने पूरे देश से आर्किटेक्ट को अपने डिजाइन का प्रजेंटेशन देने को कहा है। सोमवार की प्री-बिड बैठक के बाद टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले आर्किटेक्ट को अपना मॉडल 17  सितंबर को देना होगा। प्रजेंटेशन में आर्किटेक्ट को बताना होगा कि वित्तीय मॉडल के साथ किराया और रेंटल कॉम्प्लेक्स का डिजाइन क्या होगा।

मॉडल-2 पर किया जाएगा निर्माण
मुख्य अभियंता ने बताया कि अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स योजना में केंद्र सरकार ने दो मॉडल पर निर्माण करने के लिए कहा हैै। इसमें मॉडल-1 में पहले से बने हुए रिक्त पड़े कम आय वर्ग के मकानों को निजी विकासकर्ता से रीट्रोफिट कराकर किराए पर उठाना है। मॉडल-2 में विकासकर्ता को जमीन उपलब्ध करानी है।

इस पर वह रेंटल कॉम्प्लेक्स बनाएगा। अपना खर्च निकालने के लिए कुछ यूनिट उसे बेचने की अनुमति होगी। वहीं, बाकी यूनिट को न्यूनतम किराए पर दिया जाएगा। एलडीए से 90 साल की लीज पर आवंटित जमीन का प्रीमियम भी विकासकर्ता को देना होगा। 30 साल के बाद किराए वाली यूनिट वह एलडीए को लौटाएगा भी। जरूरी शर्तों के साथ आगे भी विकासकर्ता पूर्व के अनुबंध जारी भी रख सकता है।
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