यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार की पहली कैबिनेट बैठक नवरात्र के बीच तय हो गई है। चार अप्रैल को शाम पांच बजे यह बैठक लोकभवन मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रस्तावित है।
माना जा रहा है कि भाजपा सरकार सभी लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण माफ करने का वादा पूरा कर किसानों को रामनवमी का तोहफा दे सकती है। इसके साथ ही कई चुनावी वादों को अमली जामा पहनाने पर सरकार मुहर लगा सकती है।
चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि वह कैबिनेट की पहली बैठक में ही कर्जमाफी करा देंगे। यही वजह थी कि 19 मार्च को योगी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कैबिनेट की बैठक कर कुछ फैसले कर चर्चा में आने की जगह वादे के मुताबिक कर्जमाफी का फार्मूला निकालने में जुट गई।
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कर्जमाफी का रास्ता ढूंढ लिया है। इसके तहत राज्य सरकार किसानों का कर्ज अपने ऊपर ले लेगी और चरणबद्ध तरीके से बैंकों को उसका भुगतान करेगी।