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यूपी सरकार ने ढूंढ़ा कर्जमाफी का फॉर्मूला, बुंदेलखंड को चौंका सकते हैं CM योगी

Mon, 03 Apr 2017 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा में CM योगी आदित्यनाथ - फोटो : Social Media
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यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार की पहली कैबिनेट बैठक नवरात्र के बीच तय हो गई है। चार अप्रैल को शाम पांच बजे यह बैठक लोकभवन मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रस्तावित है।
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माना जा रहा है कि भाजपा सरकार सभी लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण माफ करने का वादा पूरा कर किसानों को रामनवमी का तोहफा दे सकती है। इसके साथ ही कई चुनावी वादों को अमली जामा पहनाने पर सरकार मुहर लगा सकती है।

चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि वह कैबिनेट की पहली बैठक में ही कर्जमाफी करा देंगे। यही वजह थी कि 19 मार्च को योगी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कैबिनेट की बैठक कर कुछ फैसले कर चर्चा में आने की जगह वादे के मुताबिक कर्जमाफी का फार्मूला निकालने में जुट गई।
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सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कर्जमाफी का रास्ता ढूंढ लिया है। इसके  तहत राज्य सरकार किसानों का कर्ज अपने ऊपर ले लेगी और चरणबद्ध तरीके से बैंकों को उसका भुगतान करेगी।
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केंद्र की सहमति के लिए चल रहा है विचार-विमर्श

कर्जमाफी से जुड़ी रकम के भुगतान के लिए वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेने या बॉन्ड लाने का विकल्प खुला हुआ है। इस पर निर्णय कैबिनेट करेगी। कर्ज की रकम राज्य की ऋण सीमा से बाहर रखने पर केंद्र की सहमति लेने का प्रयास चल रहा है। राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार से मिलकर इस संबंध में विचार-विमर्श कर चुके हैं।

इन किसानों को मिल सकता है फायदा
जानकार बताते हैं कि पांच हेक्टेयर तक कृषि भूमि सीमांत श्रेणी में आती है। सरकार पांच हेक्टेयर दायरे में आने वाले सभी किसानों का फसली ऋण माफ कर सकती है।

चर्चा है कि सरकार बुंदेलखंड को लेकर कुछ विशेष करने की भी सोच रही है। कैबिनेट से पता चलेगा कि कर्जमाफी को लेकर क्या सिद्धांत अपनाए जाते हैं। कैबिनेट की इसी बैठक में नए महाधिवक्ता के नाम को भी मंजूरी दी जा सकती है।
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