फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निशाने पर आए अखिलेश, नई पार्टी बना सकते हैं मुलायम

Mon, 03 Apr 2017 10:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
विज्ञापन
मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार के बावजूद संतुलित बयान देने वाले मुलायम सिंह यादव के मौजूदा रुख से सपा नेताओं में बेचैनी है। उनके निशाने पर अखिलेश यादव हैं।  जसवंतनगर में शिवपाल सिंह यादव ने भी रविवार को इशारों ही इशारों में अखिलेश को नसीहत दी। 
विज्ञापन


अटकलें यहां तक लग रही हैं कि मुलायम भविष्य में नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। मुलायम ने शनिवार को मैनपुरी में जिस तरह भावुक होकर अपने अपमान का जिक्र किया, उसकी चर्चा पूरी सपा में है। मुलायम ने चुनाव के दौरान केवल कांग्रेस से गठबंधन का विरोध किया था। रिजल्ट आने के बाद जहां शिवपाल ने इसे अहंकार की हार बताया, वहीं मुलायम ने कहा कि हार के लिए कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार नहीं होता। सपा के कुछ नेताओं के मुताबिक मुलायम को भरोसा था कि हार से अखिलेश सबक लेंगे।
विज्ञापन

संगठन में हो सकता है बदलाव

mulayam singh yadav - फोटो : amar ujala
मुलायम पार्टी में एका की कोशिशों में जुटे थे। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद सौंपकर सम्मान लौटाया जाएगा, लेकिन चुनाव के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और विधानसभा व विधान परिषद में नेता विरोधी दल के चयन समेत किसी भी फैसले में मुलायम की राय नहीं ली गई। जिस पार्टी को उन्होंने बनाया, खड़ा किया, सत्ता दिलाई, उसी में इस कदर उपेक्षा से आहत होकर मैनपुरी में उनका दर्द छलक पड़ा। उन्होंने अगली लड़ाई मैनपुरी से लड़ने का एलान कर भविष्य की सियासत का संकेत दे दिया है। सपा के कुछ नेताओं का मानना है कि मुलायम नई पार्टी का गठन भी कर सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो कई सपा नेताओं के लिए यह असहज स्थिति होगी।

मुलायम-शिवपाल पर अखिलेश खेमे की नजर
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव रविवार को भी जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में आए। कई नेताओं व कार्यकर्ताओं से मिले। उन्हें कई विधायकों और पराजित प्रत्याशियों ने बताया कि चुनाव में उनके साथ विश्वासघात किया गया। सपा के ही कुछ लोगों ने कहीं भाजपा तो कहीं बसपा को मदद पहुंचाई। उनका इशारा मुलायम खेमे के लोगों की तरफ था। शिवपाल चुनाव के दौरान भी नई पार्टी बनाने का संकेत दे चुके थे। इन्हीं गतिविधियों के चलते पार्टी में सुलह का कोशिशें परवान नहीं चढ़ सकी हैं। उधर, अखिलेश खेमे के नेताओं की नजरें मुलायम व शिवपाल की गतिविधियों पर रहीं। 
 
संगठन में हो सकता है बदलाव
फिलहाल हर स्तर पर सपा संगठन की कमान अखिलेश के नजदीकी नेताओं के हाथों में है। कुछ जिलों में संदिग्ध निष्ठा के लोग हैं, उन्हें आने वाले समय में बदल दिया जाएगा। सपा के जिला व महानगर अध्यक्ष तथा प्रदेश कमेटी की बैठक 6 अप्रैल को बुलाई गई है। इसे अखिलेश संबोधित करेंगे। इस बैठक में सदस्यता अभियान को लेकर निर्देश दिए जाएंगे। शिथिलता दिखाने वाले अध्यक्षों पर गाज भी गिर सकती है। 7 अप्रैल को अखिलेश चारों युवा संगठनों की बैठक को संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें