अनी बुलियन कंपनी के निदेशकों पर 68.35 लाख रुपये निवेश कराकर हड़पने का आरोप है। पीड़ित का आरोप है कि कंपनी ने निवेश के बदले में 95 लाख रुपये का चेक जो बाउंस हो गया।
थाने में कार्रवाई न होने पर कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर आदेश होने के बाद गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इंदिरानगर सेक्टर-19 निवासी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 2017 में विराटखंड-2 स्थित अनी बुलियन ट्रेडर्स व उससे जुड़ी आई विजन क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का कार्यालय था।
वहां उनकी मुलाकात मालिक अजीत कुमार गुप्ता, विष्णु गुप्ता, राम गोपाल गुप्ता, संतोष गुप्ता, रामयक्ष दीक्षित व अंजनी कुमार से हुई।
झांसे में आकर शैलेंद्र ने अनी बुलियन में निवेश किया था। 2019 में उनकी रकम आई विजन में ट्रांसफर कर कंपनी का बॉन्ड व एफडीआर थमा दिया गया था।
शैलेंद्र के मुताबिक अपना, मां चंद्रावती व बहन सविता सिंह के 68.35 लाख रुपये कंपनी में जमा किए थे। तय वक्त के बाद मार्च 2020 में संपर्क किया तो अजीत कुमार गुप्ता ने 95 लाख रुपये के तीन चेक दिए जो बाउंस हो गए।
शिकायत पर आरोपितों ने धमकाया। पीड़त ने गोमतीनगर पुलिस से शिकायत की, लेकिन मदद नहीं मिली। इस पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने अजीत कुमार गुप्ता, विष्णु गुप्ता, राम गोपाल गुप्ता, संतोष गुप्ता, रामयक्ष दीक्षित व अंजनी कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।