पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय के अनुसार, विज्ञापन एजेंसी के क्षेत्रीय निदेशक कमल शर्मा ने एफआईआर में टीआरपी का फर्जीवाड़ा कर कुछ चैनलों की रेटिंग बढ़ाकर दिखाने और विज्ञापन प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर के मुताबिक, देश में टीआरपी मापने का काम मुंबई के परेल स्थित ब्रॉडकास्टिंग ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) करता है। बार्क टीआरपी मापने के लिए 550 से अधिक चैनल मॉनीटर करता है। इसके लिए कुछ निश्चित घरों में पीपल्स मीटर डिवाइस इंस्टॉल करता है।
यह उपकरण किसी कार्यक्रम या चैनल के देखे जाने का आंकड़ा एकत्रित करता है। इसके आधार पर बार्क हर हफ्ते रेटिंग जारी करता है। वर्तमान में 30 हजार से अधिक मीटर लगे हैं। बार्क यह डाटा प्रोसेस करके मीडिया एजेंसी, मीडिया कंपनी, विज्ञापनदाता और विज्ञापन एजेंसियों को देता है।
एफआईआर में कमल शर्मा ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात लोग, कुछ निश्चित चैनल और ब्रॉडकास्टिंग कंपनियां अज्ञात लोगों की सहायता से लोगों को खास चैनल अथवा कार्यक्रम देखने के लिए आर्थिक लाभ या अन्य लालच दिए जा रहे हैं, ताकि उनकी रेटिंग बढ़ाई जा सके।