रायबरेली। पैसे लेने के बाद भी वॉशिंग मशीन की मरम्मत न कराना एक सर्विस सेंटर संचालक को भारी पड़ा। पीड़ित उपभोक्ता की याचिका पर सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष पीठ ने सर्विस सेंटर संचालक को एक हजार रुपये जुर्माना व पांच सौ रुपये क्षतिपूर्ति के साथ साढ़े तीन हजार पीड़ित को चुकाने का आदेश दिया है। उक्त धनराशि 45 दिनों में न चुकाने पर सेंटर संचालक को सात फीसदी वार्षिक की दर से ब्याज भी चुकाना होगा।
शहर के कल्लू का पुरवा निवासी अशोक कुमार ने एक वॉशिंग मशीन खरीदी थी। खराबी आने पर आवास विकास इंदिरा नगर में संचालित मेसर्स विकास सर्विस सेंटर में संपर्क किया। सर्विस सेंटर के कर्मचारियों ने खराब मशीन की मरम्मत में दो हजार रुपये खर्च होने की बात कही। 14 जनवरी 2020 को दो हजार रुपये जमा कर इसकी रसीद भी प्राप्त कर ली।
15 दिन बाद भी मशीन ठीक नहीं हुई। संपर्क करने पर सर्विस सेंटर के कर्मचारी टालमटोल बरतने लगे। सुनवाई न होने पर अशोक कुमार 23 सितंबर 2021 को उपभोक्ता ने विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दाखिल किया गया। सर्विस सेंटर संचालक द्वारा आयोग की तरफ से जारी नोटिसों का कोई संज्ञान नहीं लेने पर अध्यक्ष मदनलाल निगम व न्यायिक सदस्य सुनीता मिश्रा व प्रतिमा सिंह की पीठ ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जुर्माना व वाद खर्च के साथ साढ़े तीन हजार रुपये चुकाने का आदेश जारी किया है।