रायबरेली। जिला अस्पताल में संचालित पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) में चिकित्सक व स्टाफ न होने के कारण ताला लटकने के मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुख्य सचिव ने डीएम से पूरी रिपोर्ट तलब की है। पत्र पहुंचने के बाद जिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल है। इस मुद्दे पर अमर उजाला ने पिछले माह अभियान भी चलाया था, जिसके एक जनवरी से पीडियाट्रिक आईसीयू संचालित कराकर बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए वर्ष 2022 में पीडियाट्रिक आईसीयू स्थापित की गई थी। चिकित्सक और स्टाफ न होने के कारण कई माह तक पीआईसीयू में ताला लटका रहा। दिशा की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सामने भी यह मामला उठ चुका है। पीआईसीयू को लेकर अमर उजाला ने दिसंबर माह में कई खबरें भी प्रकाशित की थीं।
13 दिसंबर को डिजिटल पर भी 'ठंड में बच्चे हो रहे बीमार, पीआईसीयू में ताला' शीर्षक से खबर प्रसारित की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अब इन खबरों का संज्ञान लिया है, जिसके बाद मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने डीएम को समस्या का समाधान कराते हुए अवगत कराने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के गंभीर होने के बाद आनन-फानन में एक जनवरी से पीआईसीयू संचालित करा दी गई। इस संबंध में जिला अस्पताल की ओर से भी जवाब दिया जा रहा है।
एक जनवरी से पीडियाट्रिक आईसीयू संचालित करा दी गई है। अब गंभीर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पूर्व में पीआईसीयू के बंद होने के संबंध में जवाब मांगा है। इस संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल