- 2017-18 में किसानों की कर्जमाफी हुई और किसान केंद्र में थे।
- 2018-19 में इन्फ्रास्ट्रक्चर व छोटे-मझोले उद्योगों पर फोकस रहा। बुंदेलखंड व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का एलान हुआ।
- 2019-20 में महिलाओं और बेटियां रहीं। ‘कन्या सुमंगला योजना’ सबसे महत्वपूर्ण रही।
- 2020-21 में सरकार का फोकस युवाओं पर रहा। आधा दर्जन राज्य विश्वविद्यालयों व युवाओं को नौकरी व स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने से संबंधित कई एलान हुए।
प्रदेश सरकार का पांचवां बजट तमाम तरह की सीमाओं में तैयार हो रहा है। कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था काफी दबाव में है। संसाधनों की कमी है लेकिन वचनबद्ध खर्च बने हुए हैं। तमाम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का एलान पूर्व के बजट में हो चुका है, उसके लिए संसाधन का प्रबंधन किया जाना है। सरकार पर ऋण दबाव बढ़ रहा है।
अगले वित्त वर्ष से विधायक निधि बहाल करनी होगी। एक वित्तीय वर्ष के लिए ही विधायक निधि स्थगित हुई थी। कर्मचारियों का डीए भी बहाल करना होगा। ऐसे में आगे खर्च और बढ़ेंगे तथा चुनावी बजट के लिए मंथन भी तेज होगा।