फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

फाजिलनगर : रोमांचक मुकाबले के बने आसार, सपा-भाजपा के लिए सीट बनी प्रतिष्ठा का सवाल, बसपा भी पूरी दमदारी से लड़ रही चुनाव

राकेश कुमार गौंड़, अमर उजाला, कुशीनगर Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 28 Feb 2022 02:32 AM IST

सार

यह सीट कुशवाहा बिरादरी के प्रभाव वाली मानी जाती है। इसके अलावा पिछड़ी जाति चनऊ व अल्पसंख्यकों के प्रभाव वाली भी है। जातीय समीकरणों के हिसाब से ही सभी दलों ने यहां व्यूह रचना की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वामी प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला


यह सीट कुशवाहा बिरादरी के प्रभाव वाली मानी जाती है। इसके अलावा पिछड़ी जाति चनऊ व अल्पसंख्यकों के प्रभाव वाली भी है। जातीय समीकरणों के हिसाब से ही सभी दलों ने यहां व्यूह रचना की है। स्वामी प्रसाद मौर्य और सुरेंद्र कुशवाहा में बिरादरी के वोटों को ज्यादा से ज्यादा अपने पाले में खींचने के लिए रस्साकशी चल रही है। वहीं, बसपा प्रत्याशी इलियास अंसारी के सहारे मुस्लिम मतदाताओं को सहेजने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने सुनील उर्फ  मनोज सिंह को चनऊ और अन्य पिछड़े-अगड़े वोटरों को साधने के लिए मैदान में उतारा है। यह सीट भाजपा और सपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां जनसभा कर चुके हैं। बड़े नेताओं का दौरा लगातार जारी है।


2017 का चुनाव परिणाम

गंगा सिंह कुशवाहा, भाजपा 1,02,778

विश्वनाथ सिंह, सपा     60,856

जगदीश सिंह, बसपा     34,250


वोटों का गणित

 3,98,835 कुल मतदाता

मुसलमान    92 हजार

अनुसूचित जाति   45 हजार

कुशवाहा     38 हजार

यादव     30 हजार

चनऊ     33 हजार

वैश्य     22 हजार

ब्राह्मण     15 हजार

कुर्मी     10 हजार

गोंड     15 हजार

निषाद     8 हजार

भूमिहार     10 हजार

कमकर        10 हजार

अन्य     70 हजार



 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next