यह सीट कुशवाहा बिरादरी के प्रभाव वाली मानी जाती है। इसके अलावा पिछड़ी जाति चनऊ व अल्पसंख्यकों के प्रभाव वाली भी है। जातीय समीकरणों के हिसाब से ही सभी दलों ने यहां व्यूह रचना की है। स्वामी प्रसाद मौर्य और सुरेंद्र कुशवाहा में बिरादरी के वोटों को ज्यादा से ज्यादा अपने पाले में खींचने के लिए रस्साकशी चल रही है। वहीं, बसपा प्रत्याशी इलियास अंसारी के सहारे मुस्लिम मतदाताओं को सहेजने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने सुनील उर्फ मनोज सिंह को चनऊ और अन्य पिछड़े-अगड़े वोटरों को साधने के लिए मैदान में उतारा है। यह सीट भाजपा और सपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां जनसभा कर चुके हैं। बड़े नेताओं का दौरा लगातार जारी है।
2017 का चुनाव परिणाम
गंगा सिंह कुशवाहा, भाजपा 1,02,778
विश्वनाथ सिंह, सपा 60,856
जगदीश सिंह, बसपा 34,250
वोटों का गणित
3,98,835 कुल मतदाता
मुसलमान 92 हजार
अनुसूचित जाति 45 हजार
कुशवाहा 38 हजार
यादव 30 हजार
चनऊ 33 हजार
वैश्य 22 हजार
ब्राह्मण 15 हजार
कुर्मी 10 हजार
गोंड 15 हजार
निषाद 8 हजार
भूमिहार 10 हजार
कमकर 10 हजार
अन्य 70 हजार