लखनऊ। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और विवाह से इन्कार करने के आरोपी के पिता पृथ्वीपाल सिंह और भाई राजेंद्र प्रताप सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई। जिला जज मलखान सिंह ने आरोपियों को 50-50 हजार रुपये की जमानत दी है।
आरोपियों के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी निर्दोष हैं और उन्होंने कोई भी अपराध नहीं किया है। वहीं, कोर्ट में सरकारी वकील ने तर्क दिया कि वादिनी ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वह ओडिशा की रहने वाली है और लखनऊ में रहकर काम करती है। इसी बीच उसकी पहचान आरोपी पृथ्वीपाल सिंह के बेटे महेंद्र प्रताप सिंह से हुई। कुछ समय बाद दोनों एक दूसरे से प्रेम करने लगे। आरोप लगाया गया कि महेंद्र प्रताप सिंह ने वादिनी का दो बार गर्भपात भी कराया। जब वादिनी ने महेंद्र प्रताप से विवाह करने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। आरोप लगाया गया की महेंद्र के घरवालों ने भी उसका साथ दिया और शादी से इन्कार कर दिया।