फर्जी शिक्षकों के मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने बेसिक शिक्षा विभाग से बीते तीन साल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। इसमें बैंक खाते और पैन कार्ड की जानकारी भी मांगी गई है। एसटीएफ इस मामले में अब तक लगभग 140 एर्फआईआर दर्ज कर साढ़े तीन सौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसटीएफ की जांच में अब तक 363 ऐसे मामले मिल चुके हैं, जिसमें फर्जी तरीके से शिक्षक नौकरी कर रहे थे। उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने भी ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज करानी शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि अब तक 700 से अधिक फर्जी शिक्षक चिह्न्त किए जा चुके हैं। हालांकि ऐसे शिक्षकों की संख्या और बड़ी है, जो अभी फर्जी नामों से नौकरी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि एसटीएफ ने वर्ष 2018 में फर्जी शिक्षकों के मामलों का खुलासा करते हुए गिरफ्तारियां की थीं। इसके बाद जांच में हर दिन नए मामले सामने आने लगे। उधर, फर्जी तरीके से नौकरी करने वालों में हड़कंप मच गया और वर्ष 2018 के बाद वीआरएस लेने के लिए अचानक आवेदनों की बाढ़ सी आ गई। सूत्रों का कहना है कि इनमें सभी फर्जी शिक्षक हैं तो कार्रवाई की डर से वीआरएस ले रहे हैं।