चकबंदी के दौरान जनपद में चकबंदी अधिकारी रहे बंश बहादुर सिंह की नियुक्ति फर्जी थी। कथित सीओ ने करीब 2698 मामलों में फैसला सुनाया था, जो विवादित थे। यह खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से हुई है। इन्हीं मामलों में सोहावल की ग्राम पंचायत मोइया कपूरपुर के 34 मामले भी शामिल हैं।
जिनमें कुछ मामलों में कोर्ट में निगरानी दाखिल की गई है। वर्ष 92 में जनपद में चकबंदी अधिकारी के रूप में बंश बहादुर सिंह कथित तौर पर तैनात थे। बताया गया है कि इनके द्वारा करीब 2698 मामलों की सुनवाई कर फैसला सुनाया गया। इसमें मोइया कपूरपुर सोहावल के करीब 34 मामले थे।
फैसलों को 1995 में गांव निवासी चंद्र मोहन ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी तो उच्च न्यायालय के आदेश पर कथित चकबंदी अधिकारी हटाए गए और जांच बैठा दी गई। नायब तहसीलदार पैगाम हैदर बताते हैं न्यायालय के आदेश पर मामले में अभी भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।