प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई। एसईई की काउंसलिंग में भी इस बार आईआईटी की तर्ज पर सुविधा व व्यवस्था की गई है। काउंसलिंग से जुड़ी तमाम जानकारी जहां विद्यार्थियों को चैट बॉट पर दी जा रही है, वहीं डॉक्यूमेंट संबंधी समस्या के निस्तारण को हर चरण में चार दिन का समय रखा गया है।
अभी तक की व्यवस्था के अनुसार अगर कोई स्टूडेंट्स गलत डॉक्यूमेंट अपलोड करता था या स्कैन ठीक न होने से अपठनीय होता था तो उसका डॉक्यूमेंट रिजेक्ट हो जाता था। इस बार इसमें एक व्यवस्था दे दी गई है। अगर डाक्यूमेंट पूरी तरह से गलत होगा तब तो विवि उसे रिजेक्ट कर देगा, लेकिन अगर वह अपठनीय होगा या उसमें संशोधन की संभावना होगी तो विवि की तरफ से एक मैसेज विद्यार्थी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जाएगा।
उनको निर्धारित समय में रिस्पांस करना होगा। अपना सही डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा। अगर इसके बाद भी वह ऐसा नहीं कर सका तो उसका आवेदन निरस्त हो जाएगा। एसईई के उप समन्वयक अभिषेक नागर ने कहा कि काउंसलिंग में डॉक्यूमेंट अपलोड करने और चॉइस की वरीयता देने में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है।