चेकिंग में होती रही अनदेखी
डबलडेकर बस बिहार से दिल्ली के बीच कुल 16 आरटीओ कार्यालयों के क्षेत्र से गुजरी, पर फिटनेस, इंश्योरेंस, टैक्स बकाया होने के बावजूद कहीं कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, कन्नौज, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, नोएडा और गाजियाबाद आरटीओ से बस गुजरती थी।
बस फर्जी पते पर थी पंजीकृत
परिवहन विभाग के अफसरों ने बताया कि डबलडेकर बस के कागजों में जो पता दर्ज है, वह फर्जी है। महोबा के खेतिहर किसान पुष्पेंद्र सिंह के नाम से महोबा में यह बस पंजीकृत है। एआरटीओ व पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि मेसर्स केसी जैन ट्रेवल्स नाम की फर्म से पंजीकरण हुआ है। जबकि पुष्पेंद्र का साफ कहना है कि उसके नाम से कोई भी बस रजिस्टर्ड नहीं है।