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अगर आयुर्वेदिक दवा खाते हैं तो जरूर पढ़ें खबर

Mon, 23 Mar 2015 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं को लेकर भ्रांति है कि जितनी पुरानी होगी, उतना ही असर बढ़ेगा। आयुष मंत्रालय ने इस भ्रांति को तोड़ते हुए कंपनियों के लिए इन दवाओं पर एक्सपायरी डेट लिखने को अनिवार्य बनाने जा रहा है।
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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार को हर्बल दवाओं पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आयुष मंत्रालय के संयुक्त सचिव जितेंद्र शर्मा ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा जैसे आयुर्वेद, यूनानी और सिद्धा की दवाओं पर कड़े नियम लागू कर इसे भरोसेमंद बनाने की जरूरत है। जितेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि केवल कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में यह गुण है कि वे जितना पुरानी होंगी, उतनी ही असरदार होंगी।
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वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि हो चुकी है कि यह बात सभी आयुर्वेदिक या यूनानी दवाओं पर लागू नहीं होती है। ऐसे में मंत्रालय इन दवाओं पर एक्सपायरी डेट प्रिंट किए जाने को अनिवार्य करने की तैयारी कर चुका है। इसका पालन नहीं करने पर कंपनियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
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आयुर्वेद को बढ़ावा देगा अमेरिका

संयुक्त सचिव ने बताया कि अभी दवा की पैकिंग पर केवल औषधि के प्रचलित नाम लिख दिए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग होने के चलते यह तरीका ठीक नहीं है। इसे देखते हुए कंपनियों को पैकिंग के दौरान दवा बनाने में उपयोग हुई औषधियों के सामान्य और वैज्ञानिक नाम भी प्रिंट करने के आदेश दिए गए हैं।

आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए भारत और अमेरिका के बीच एक एमओयू होनी है। यह एमओयू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाकात के बाद साइन हुए इंडो-यूएस जॉइंट ट्रेड डिक्लरेशन का हिस्सा होगा।

इसे लेकर दोनों देश के अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है। वहीं पिछले सप्ताह अमेरिकी दूतावास के स्वास्थ्य अधिकारी बीएचयू का भ्रमण कर पूरी जानकारी ले चुके हैं। अगले महीने इसी सिलसिले में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिकामें वहां एफडीए अधिकारियों के साथ बैठक में हिस्सा लेने जाएगा।
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