मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुवार को कई प्रदेशों से श्रमिकों को लेकर 20 ट्रेन आ रही हैं। इसी तरह शुक्रवार को भी 25 से 30 ट्रेनों के आने की उम्मीद है। इनको सुरक्षित घर तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की 10 हजार से ज्यादा बसें लगाई गई हैं। आने वाले हर श्रमिक के स्वास्थ्य की जांच होगी और उन्हें क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाएगा। अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो उसे मुकम्मल जांच के लिए वहीं आइसोलेट कर दिया जाएगा।
स्वस्थ्य लोगों को इस हिदायत के साथ घर भेजा जाएगा कि वह खुद और परिवार की सुरक्षा के लिए होम क्वारंटीन के नियमों का अनुपालन करें। 12 हजार से अधिक क्वारंटीन सेंटरों पर स्वास्थ्य की जांच के लिए 50 हजार से अधिक प्रशिक्षित चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टॉफ को तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य की जांच के बाद जिनको भी होम क्वारंटीन के लिए भेजा जा रहा है उनको भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपया और मानक के अनुसार खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन को यह साफ निर्देश है कि वे आने वाले श्रमिकों /कामगारों से सहानुभूतिपूर्ण सम्मानजनक व्यवहार करें।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हर श्रमिक की दक्षता का आने वाले समय में प्रदेश की बेहतरी में उपयोग हो इसके लिए हम उसकी दक्षता का ब्यौरा पता और मोबाइल नंबर के साथ उपलब्ध करवा रहे हैं। इन सबको उनकी दक्षता के अनुसार स्थानीय स्तर पर हम रोजगार भी उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए हमारी कार्ययोजना बनकर लगभग तैयार है।