लखनऊ में भर्ती मरीज कोरोना को मात दे रहे हैं। अब तक मिले कुल 253 मरीजों में से 170 यहां के मूल निवासी हैं। इनमें से अब तक 164 डिस्चार्ज हो चुके हैं, जिनमें 121 लखनऊ के ही हैं।
बाकी बचे 92 मरीजों में से अधिकतर लखनऊ के ही हैं। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि एफआई इंस्टीट्यूट समेत दूसरे अस्पतालों में अभी कोई संक्रमित मरीज भर्ती नहीं है। वहीं, बीबीडी व उर्दू अरबी फारसी विवि में क्वारंटीन लोग घर जा चुके हैं।
सदर सहित कई इलाके हॉटस्पॉट होने के बावजूद यहां सैंपल लेने की संख्या घटा दी गई है। अब यहां लक्षण वाले मरीजों के ही सैंपल लिए जाएंगे।
गोमतीनगर में मिला था पहला मरीज
पहला मरीज 11 मार्च को गोमतीनगर में मिला था। बाद में उसके परिवार के चार सदस्य पॉजिटिव हुए। एक अप्रैल को बड़ी संख्या में जमातियों के पकड़े जाने के बाद मरीज मिलने का सिलसिला तेज हुआ।
15 अप्रैल को 28 और 16 को 23 पॉजिटिव मिलने पर सदर सुर्खियों में आया। फिर इससे सटे इलाके में मरीज मिलने शुरू हुए। अब तक 110 मरीज मिल चुके हैं। सैंपल की बात करें तो अब तक करीब 4200 नमूने लिए गए। इनमें 1000 से ज्यादा सदर के हैं।
इन क्षेत्रों की अब सिर्फ निगरानी
सदर और उससे जुड़े इलाकों के अलावा गोमतीनगर, डालीगंज, मोतीझील, बिरहाना आदि में सप्ताहभर से नए कोरोना मरीज नहीं मिले हैं। ऐसे में इन इलाकों से सैंपल लेना बंद कर दिया गया है। जिन लोगों में लक्षण मिल रहे हैं, सिर्फ उन्हीं के सैंपल लेकर सर्वे टीम लगातार इलाके का निरीक्षण कर रही है।
इन इलाकों पर खास ध्यान
स्वास्थ्य विभाग नक्खास व कैसरबाग पर निगाह रख रहा है। यहां पॉजिटिव से संपर्क वालों के साथ लक्षण वालों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं। नक्खास की भी निगरानी हो रही है। यहां 14 संक्रमित हो चुके हैं। इसी तरह कैसरबाग में 9 से ज्यादा लोग पॉजिटिव मिले हैं।