आरोपियों ने यह भी बताया कि बोर्ड में यह भी फैसला हुआ था कि इस तरह का निवेश करने का निर्णय सचिव ट्रस्ट अलग-अलग केस के आधार पर लेंगे और इसके लिए यूपीपीसीएल के निदेशक वित्त का अनुमोदन आवश्यक होगा।
दोनों ही आरोपियों ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया है। वहीं, शनिवार देर रात हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर में भी 24 मार्च 2017 को अंशदायी भविष्य निधि के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक के निर्णय का जिक्र है। प्रदेश में नई सरकार का गठन 19 मार्च 2017 को हो गया था।
गड़बड़ी में और लोगों के भी शामिल होने की आशंका
डीजी ने कहा कि आरोपियों ने जो बताया है उसे प्रमाणित कराया जाएगा और इससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। गड़बड़ी में और कौन-कौन शामिल है उसकी भी तफ्तीश की जा रही है। कहा, यह भी जांच की जाएगी कि ट्रस्ट के अन्य लोगों ने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर तो इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है? जांच के दायरे में मौजूदा सचिव और वित्त निदेशक की भूमिका भी आएगी।
डीजी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की जा रही है। रिमांड पर लेने के बाद कई अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।