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रैगिंग से परेशान छात्रा तीसरी मंजिल से कूदी

Wed, 04 Sep 2013 02:16 AM IST
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
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रैगिंग से परेशान होकर डॉ. एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की एक छात्रा ने मंगलवार सुबह कॉलेज की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।
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छात्रा के खुदकुशी के प्रयास से कॉलेज में हड़कंप मच गया। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उसका जबड़ा व दाहिने पैर की हड्डी टूट गई है।

सिर पर भी गंभीर चोटें आई हैं। पिता ने यह कहकर कॉलेज प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है कि उनकी बेटी कूदी नहीं है बल्कि उसे छत से फेंका गया है।

उन्होंने कॉलेज की एक टीचर पर उत्पीड़न और कुछ सीनियर स्टूडेंट्स पर रैगिंग के आरोप लगाए हैं। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

कटरा विजन बेग चौपटिया निवासी 19 वर्षीय सुम्बुल इसहाक, डॉ. एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कॉलेज ऑफ फार्मेसी की बी-फार्मा प्रथम वर्ष की छात्रा है।
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ग्रुप रजिस्ट्रार प्रोफेसर जीटी पालीकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 9:35 बजे कॉलेज ऑफ फार्मेसी के ग्राउंड फ्लोर पर असेंबली के बाद सभी छात्र-छात्राएं अपने कक्षा में चले गए।

सुम्बुल भी ऊपर गई, लेकिन क्लास में न जाकर तृतीय तल पर चली गई और वहां से छलांग लगा दी। उन्होंने बताया कि वे उस समय ग्राउंड फ्लोर पर ही खड़े थे।

उन्होंने छात्रों की मदद से घायल सुम्बुल को उठाया और ट्रॉमा सेंटर भिजवाया। घटना की सूचना पुलिस व पीडब्ल्यूडी में क्लर्क उसके पिता अबू इसहाक को दी गई।

सुबकते हुए कॉलेज गई थी सुम्बुल
कॉलेज बस में सवार एक छात्रा ने पुलिस को जानकारी दी कि नक्खास से बस में सवार हुई सुम्बुल रो रही थी। तब एक टीचर ने उसे अपने पास बैठाकर समझाया। कॉलेज पहुंचने पर भी सुम्बुल की आंखों में आंसू थे।

पिता का आरोप
पिता अबू ने कहा कि सुम्बुल खुदकुशी की कोशिश नहीं कर सकती। उसे छत से फेंका गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंग्रेजी में कमजोर होने की वजह से सुम्बुल को टीचर परेशान करते थे।

उसे पूरी कक्षा में सार्वजनिक रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कुछ सीनियर छात्र परिसर से लेकर कॉलेज बस तक में उसे परेशान करते थे।

इस कारण वह कॉलेज जाने से घबराने लगी थी। उन्होंने बताया कि कॉलेज कार्यालय में फोन कर इसकी शिकायत भी की थी।

कॉलेज प्रशासन का जवाब
कॉलेज प्रशासन ने अबू के आरोपों का खंडन किया है। कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी के चीफ एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर शेखर का कहना है कि उसके घरवालों ने किसी भी तरह की शिकायत नहीं की थी।

छात्रा ने रैगिंग या अन्य समस्या के बारे में भी नहीं बताया। मंगलवार को भी उसके साथ बस में आई इंजीनियरिंग की एक छात्रा ने यह जरूर बताया कि सुम्बुल काफी परेशान थी और रो रही थी, लेकिन उसने इसका कारण नहीं बताया।
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जीबीटीयू प्रशासन कराएगा जांच
गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव ने कहा कि रैगिंग के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होने पर जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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