सपा प्रवक्ता और जेल एवं खाद्य रसद मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि सूबे में कांग्रेस-भाजपा और बसपा की कोई स्वीकार्यता नहीं बची है।
प्रदेश में विपक्ष पूरी तरह नकारात्मक व्यवहार कर रहा है। उसे सिर्फ सरकार में कमियां ही नजर आ रही है। जबकि सपा सरकार बिना बदले की भावना से विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में अब चौथे-पांचवें पायदान की लड़ाई है। बसपा अपने लूटराज के कारण जनता की निगाहों में गिर गई है।
इन दलों को सबक लेना चाहिए था कि किन गलतियों से उन्हें दुर्दिन देखने को मिले। अगर उन्होंने प्रदेश के विकास में रुचि दिखाई होती तो जनता उन्हें सत्ता से बाहर क्यों करती।
सपा सरकार ने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए तेजी से काम किया है। मुख्यमंत्री ने भी किसानों, नौजवानों, महिलाओं और मुस्लिमों के साथ किए गए वादे निभाने में कोई देर नहीं की।
उन्होंने कहा कि अच्छा होता विपक्षी दल मुख्यमंत्री की इस बात के लिए सराहना करते कि उन्होंने बाढ़ से पहले ही बाढ़ नियंत्रण और राहत योजनाओं को प्राथमिकता में रखा। लेकिन वे तो निराधार रोना रोते नजर आते हैं।
बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए 8,983 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए 7,805 करोड़ की धनराशि दी गई।
पहली बार बाढ़ में बह जाने वाले गांवों के लोगों को आवासीय सुविधा के मद में 10 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा, बाढ़ पर कागजी बयानबाजी से पहले भाजपाइयों और रालोद नेताओं को बाढ़ग्रस्त इलाकों की सही स्थिति जाननी चाहिए थी।