ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने नई बिलिंग एजेंसियों के कार्यों की हर माह ऑडिट कराने और गड़बड़ी पर जवाबदेही तय करने को कहा है। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने गलत बिलिंग, समय पर बिल न पहुंचने व कम बकाये पर कनेक्शन काटे जाने की शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को उपभोक्ता सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है।
ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को यहां ऊर्जा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए बिलिंग संबंधी शिकायतों और ओटीएस के रफ्तार न पकड़ने पर अधिकारियों के पेंच कसे। उन्होंने कहा कि बिलिंग एजेंसियों के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य तय करके बिजली कंपनियों के एमडी इसकी हर माह समीक्षा तथा यूपीपीसीएल के अध्यक्ष इसकी निगरानी करें।
मीटर रीडिंग कराकर सभी उपभोक्ताओं को समय से त्रुटिरहित बिल भेजे जाएं। अगर कहीं किसी तरह की समस्या आ रही है तो उसे ठीक कराया जाए। कनेक्शन के बाद पहला बिल जारी करने में ज्यादा समय लगने की शिकायतों पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कहा कि 4-5 महीने बाद बिल जारी करने का कोई औचित्य नहीं है। उपभोक्ता को कनेक्शन देने के बाद समय से बिल भी उपलब्ध कराया जाए।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को दिए गए आवासों में जहां भी बिजली के कनेक्शन नहीं हैं वहां तत्काल कनेक्शन जारी किए जाएं। बिजली निगमों में एमडी जिलेवार इसकी समीक्षा करें। ओटीएस की धीमी प्रगति पर उन्होंने कहा कि सरकार ने उपभोक्ता हित में बहुत ही महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, लेकिन विभाग के अधिकारी अभी उपभोक्ताओं के घर तक नहीं पहुंच पाए हैं। यह ठीक नहीं है। पहले सभी बड़े बकायेदारों यहां दस्तक देकर उन्हें इसका फायदा बताया जाए। कम बकाये पर कनेक्शन काटने के मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उपभोक्ताओं को परेशान करने वालों से सख्ती से निपटा जाए।