सुबह करीब 7 बजे चौड़ी दिखने वाली अमीनाबाद की सड़क, फुटपाथ पर जाम लगने के बाद संकरी हो जाती है
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1759 में शाह आलम द्वितीय ने लखनऊ में अमीनाबाद बाजार की नींव रखी। इसकी खूबसूरती पर फिदा होकर 18 फरवरी 1911 में जनरल हेविट ने जिसे लखनऊ का दिल कहा था, आज उसी दिल को ‘जाम की बीमारी’ ने जकड़ रखा है। वजह है उगाही। यहां फुटपाथ बिकते हैं। न सिर्फ लखनऊ ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से लोग यहां खरीदारी करने आते हैं लेकिन सुबह से लेकर देर शाम तक लगे रहने वाले जाम ने इस बाजार के आकर्षण को धूमिल कर दिया है।
अमीनाबाद बाजार में सिर्फ सामान ही नहीं बिकते, यहां सड़क की पटरी भी बिकती है। वो भी 100-100 रुपये में। रोजाना। फुटपाथ के खरीदार 1000 से अधिक पटरी दुकानदार हैं। इनसे रोजाना औसतन एक लाख रुपये की उगाही होती है। यह उगाही फुटपाथ बेचने वाले स्थानीय दबंग किस्म के लोग कर रहे हैं।
ये सब पुलिस की सरपरस्ती में हो रहा है। नगर निगम कर्मियों की भी इसमें शह है। सफेद पट्टी के बाहर डिवाइडर के दोनों ओर सजने वाली इन दुकानों की वजह से बाजार में आने वाले जाम में जूझते हैं।
अवैध कब्जे से घिरे 36 बाजार
जाम में जूझते रहते लोग
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60 फीट चौड़ी सड़क, बचती है सिर्फ 15 फीट
अमीनाबाद की मुख्य सड़क जो प्रकाश कुल्फी के सामने सुबह सात बजे 60 फीट चौड़ी दिखती है, वह दोपहर में 15 फीट में तब्दील हो जाती है। नजीराबाद से गणेशगंज जाने वाली सड़क छह फीट और गणेशगंज से नजीराबाद की ओर जा रही सड़क नौ फीट ही बचती है। इसका खामियाजा 10 हजार व्यापारियों, 30 हजार कामगारों एवं दो लाख आम लोगाें को अतिक्रमण एवं सड़क जाम में जूझना पड़ रहा है।
नजीराबाद के व्यापारी नेता सुरेश छबलानी बताते हैं कि सड़क व फुटपाथ बेेचे जाने के कारण अमीनाबाद की 36 मार्केट अतिक्रमण से घिरी हैं। इनमें झंडेवाला पार्क, रामकृष्ण पार्क, नजीराबाद, प्रताप मार्केट, मोहन मार्केट, मुमताज मार्केट, जूते वाली गली, बर्तन बाजार, सराफा बाजार, फतेहगंज, गणेशगंज, गड़बड़झाला, श्रीराम रोड, स्वदेशी मार्केट, बुक मार्केट, दिलदार मार्केट, मौलवीगंज, मेडिसिन मार्केट शामिल हैं।
शोरूम के सामने दुकानों की तीन कतारें
जाम से जूझते लोग
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अमीनाबाद के नजीराबाद, मेडिसिन मार्केट रोड, श्रीराम रोड, माता बदल पंसारी रोड, फतेहगंज, झंडे वाला पार्क रोड, प्रताप मार्केट रोड एवं हनुमान मंदिर रोड के दोनों तरफ व्यापारियों के शोरूम के सामने उगाही करने वाले पटरी दुकानदारों की दुकानों की तीन-तीन कतार लगवाते हैं।
राहगीरों को खुद बनाना पड़ता है रास्ता
डिवाइडर के दोनों तरफ लगने वाले ठेलों के चलते पैदल चलने वालों को मुश्किल से रास्ता मिलता है। इन्हें खुद ही लोगों को हटाकर रास्ता बनाना पड़ता है। इनके ठेले से राहगीर के वाहन टकरा जाते हैं तो ये दुकानदार मारपीट करने लगते हैं। अमीनाबाद उपकेंद्र की ओर जाने वाली सड़क पर चप्पल एवं कपड़े बेचने वालों का मौलवीगंज तिराहे तक कब्जा है।
रक्षामंत्री से लेकर मंत्री तक से शिकायत
जाम से जूझते रहते हैं लोग
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‘आई चेंज अमीनाबाद’ मिशन के संस्थापक और अमीनाबाद के व्यापारी जसप्रीत सिंह ने फुटपाथ व सड़क पर लगने वाली दुकानोें से होने वाले जाम की रक्षामंत्री (पूर्व गृहमंत्री) राजनाथ सिंह एवं मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र देकर शिकायत की। इस शिकायत के बाद भी फुटपाथ व सड़क पर लगने वाली अवैध दुकानें बंद नहीं हो सकीं।
कारोबारी इसलिए चुप रहते हैं...
दबंग धमकाते हैं, पुलिस मदद नहीं करती
जो व्यापारी अपनी दुकान के सामने पटरी दुकानदार को अवैध रूप से दुकान लगाने नहीं देता दबंग किस्म के लोग उसके पास लाठी-डंडा लेकर धमकाने पहुंच जाते हैं। ऐसे व्यापारी की पुलिस भी कोई मदद नहीं करती है
34 दुकानदारों पर हो चुकी है कार्रवाई
अमीनाबाद बाजार
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अमीनाबाद की सड़क पर खिंची सफेद पट्टी के बाद फुटपाथ व सड़क पर दुकान लगाने वाले 34 दुकानदारों पर एक से 12 अक्तूबर तक कार्रवाई हो चुकी है। इनमें पांच दुकानों को सीज भी किया जा चुका है। - सुनील दुबे, इंस्पेक्टर, अमीनाबाद
पुराने दुकानदार ही रहेंगे, अवैध हटेंगे
वेंडिंग पंजीकरण का काम पूरा हो गया है। अब उनका सत्यापन चल रहा है। उसके बाद अमीनाबाद में वही पटरी दुकानदार रहेंगे जो पहले से दुकान लगाते आ रहे हैं। जो आगे बढ़कर लगा रहे हैं और अवैध हैं, उनको वेंडिंग नीति के तहत हटाया जाएगा। एक महीने में वेंडिंग जोन के लिए प्रमाण पत्र देने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
राजेश सिंह, जोनल अधिकारी, नगर निगम