कोरोना संक्रमण के चलते मंगलवार को यूपी 112 मुख्यालय को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। इससे वहां से दी जाने वाली आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो गई हैं। हालांकि गाजियाबाद और प्रयागराज में कॉल ली जा रही है, लेकिन महज 30 कॉल टेकर से ही काम चल रहा है। जबकि सामान्य दिनों में 170 कॉल टेकर काम करते हैं।
गौरतलब है कि यूपी 112 के मुख्यालय को वहां के 12 लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद बंद कर दिया था। फिलहाल यूपी 112 पर कॉल करने पर नंबर व्यस्त है, कृपया थोड़ी देर बाद कॉल करें का संदेश सुनाई दे रहा है। वहीं, कई बार फोन लगाने के बाद कॉल लग रहा है, पर ऑपरेटर से बात करने के लिए पांच से सात मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। नतीजतन सामान्य दिनों में मिलने वाली सूचनाएं 21 से 22 हजार से घटकर लगभग साढ़े छह हजार हो गई हैं। यानी पुलिस इन्हीं साढ़े छह हजार घटनाओं व सूचनाओं पर रिस्पांस कर रही है। हालांकि लोगों को मदद पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है, लेकिन वह पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस सहायता पहुंचने में काफी समय लग रहा है।
वर्क फ्रॉम होम से पहुंचाई जा रही मदद
आम वर्षों में जन्माष्टमी त्यौहार के दिन रोज की अपेक्षा फोन कॉल अधिक आती हैं। ऐसे में बुधवार को बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना पड़ा। यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम के जरिए भी काम चल रहा है और लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है। घर से काम करने की सुविधा बढ़ाए के प्रयास किए जा रहे हैं।