फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैपिसिटर बैंक से गांवों में बढ़ेगा बिजली का वोल्टेज, सरकार ने मंजूर किया 150 करोड़ का अनुदान

Tue, 23 Jun 2020 01:18 PM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने गांवों को निर्बाध व पर्याप्त वोल्टेज युक्त बिजली सप्लाई के लिए सिस्टम को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पावर सेक्टर डवलपमेंट फंड बनाया गया है। इस फंड से उत्तर प्रदेश की बिजली लाइनों के वोल्टेज को इंप्रूव करके बढ़ाया जाएगा, ताकि गांवों में लो वोल्टेज के कारण नलकूप न चल पाने की समस्या दूर की जा सके। गांव में भी लोग एयर कंडीशनर चलाकर ठंडी हवा ले सकें। 
विज्ञापन


गांवों की बिजली लाइनों के लो वोल्टेज को कैपिसिटर बैंक लगाकर बढ़ाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन के मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को 150 रुपये का अनुदान मंजूर किया है।

इसमें मध्यांचल निगम की राशि 47.43 करोड़ रुपये शामिल है। इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी देवाशीष बोस ने आदेश जारी किया है। सभी विद्युत वितरण निगम जल्द ही ऊर्जा मंत्रालय के साथ अनुबंध करेंगे। कैपिसिटर बैंक को उपकेंद्र पर लगाने के लिए विद्युत वितरण निगम, ऊर्जा मंत्रालय और काम करने वाली एजेंसी की कमेटी बनेगी।
विज्ञापन


उपकेंद्रों पर लगने वाले कैपिसिटर बैंक की ऑनलाइन निगरानी भी होगी, जिसके लिए ऑनलाइन सिस्टम भी विकसित होगा। इससे मध्यांचल निगम के बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, अंबेडकरनगर, अयोध्या, श्रावस्ती, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा व बलरामपुर जिले के गांव की बिजली सप्लाई बेहतर होगी।
विज्ञापन

लो वोल्टेज के चलते नहीं चल पाते नलकूप 

कैपिसिटर बैंक से फायदे
- प्रदेश भर में बिजली की बचत होगी। -  स्विच गियर, ट्रांसफार्मर खराब नहीं होंगे।
- घरों में वोल्टेज का उतार-चढ़ाव नहीं होगा। -  वोल्टेज बढ़ेगा तो लाइन हानि घटेगी।

किसको कितना अनुदान 
- मध्यांचल विद्युत वितरण निगम  47.43 करोड़
- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम 62.05 करोड़
- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम 18.59 करोड़

प्रदेश भर में खासतौर पर गर्मियों के दौरान लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। इससे गांवों में नलकूप न चल पाने से किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पाते हैं। उन्हें डीजल इंजन से चलने वाले नलकूप से सिंचाई करनी पड़ रही है। गांवों के जिन घरों में सबमर्सिबल पंप लगे हैं, वे भी पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से नहीं चल पाते। 

अनुबंध के बाद मिलेगा अनुदान 
मध्यांचल निगम के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का वोल्टेज बढ़ाने के लिए ऊर्जा मंत्रालय को कैपिसिटर बैंक लगाने का प्रस्ताव भेजा था, जो मंजूर हो गया है। अनुबंध करने के बाद अनुदान की रकम मिल जाएगी, जिससे सुधार कार्य शुरू कराएंगे।  -सुधीर कुमार सिंह, निदेशक तकनीक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें