प्रदेश में बिजली की दरों में कमी के लिए जद्दोजहद तेज हो गई है। दरों में कमी लाने के लिए पड़ रहे चौतरफा दबाव के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने पहली बार चीनी मिलों से खरीदी जाने वाली बिजली की दरों को लेकर आपत्ति उठाई है।
इस मुद्दे पर पावर कॉर्पोरेशन और राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ‘शुगर लॉबी’ के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। कैप्टिव एवं रिन्यूएबल ऊर्जा विनियमावली 2014 तथा बगास आधारित बिजलीघरों की हाल में तय की गई दरों के संबंध में विद्युत नियामक आयोग में सार्वजनिक सुनवाई के दौरान दोनों ने बैक डेट यानी 1 अप्रैल 2014 से नई दरें लागू करने का कड़ा विरोध किया।
आयोग ने सभी पक्षों को 15 दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 27 मार्च होगी। पावर कॉर्पोरेशन ने बगास आधारित बिजलीघरों से मिलने वाली बिजली की तय की गई दरों तथा इसे 1 अप्रैल 2014 से लागू करने के नियामक आयोग के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है।