उत्तर प्रदेश सरकार ने धान खरीद कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरतने पर उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड के आठ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। जबकि दो जिला प्रभारियों और पत्रवाहक को निलंबित कर दिया है। साथ ही तीन सेल्समैन के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। 20 से अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ओम प्रकाश वर्मा ने बताया कि सीतापुर के चौकीदार विनोद कुमार शर्मा को उनके कार्यकाल में गंभीर वित्तीय व अन्य अनियमितता बरतने के लिए निगम की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के प्रबंधक/मंडल प्रभारी प्रदीप कुमार सागर व विद्यानंद पाठक के विरुद्ध निगम की सेवा में लापरवाही और अनियमितता बरतने पर सेवा से बर्खास्त किया गया है।
विक्रेता/लेखालिपिक अशोक कुमार यादव, हृदयानंद सिंह प्रभारी डिपो मऊ, नागेश्वर पाठक सम्बद्ध डिपो वाराणसी व अमित प्रताप सिंह राणा सम्बद्ध डिपो झांसी को निगम की सेवा से बर्खास्त किया गया है। सहायक प्रदीप कुमार कटियार को भी निगम की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।