छात्र अब्दुल वहाब का कहना है कि छात्रों के आगे सरकार की मनमर्जी नहीं चली। सरकार पहले कहती थी कि मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, लेकिन छात्रों की एकजुटता की वजह से उन्हें पद छोड़ना पड़ा। मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि यदि कुछ गलत होगा, तो युवा एक स्वर में आवाज उठाएंगे।
सड़क से सदन तक हुआ आंदोलन
छात्रा सुजाता का कहना है कि सड़क से सदन तक आंदोलन हुआ, तब जाकर शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। छात्रों ने दिन-रात प्रदर्शन जारी रखा, सड़कों पर रातें गुजारीं और घर-बार छोड़ दिया। सरकार को आखिरकार झुकना ही पड़ा। इस जीत से यह संदेश गया है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करना ही पड़ेगा।
देशभर में आंदोलन से सरकार को झुकना पड़ा
छात्रा सोनी कुमारी का कहना है कि नीट पेपर लीक पर राजधानी सहित देशभर में उग्र आंदोलन हुए। जिन परिवारों के बच्चों ने जानें गंवाई थीं, उससे युवाओं में भारी आक्रोश था। सभी ने आंदोलन का समर्थन किया और पूरे देश में इसे जारी रखा। अंततः सरकार को झुकना ही पड़ा।