सरकारी रजिस्टर में विवरण दर्ज कर रही थी पुलिस
आरक्षी दीपक राय ने बताया कि मौके पर मौजूद सद्दाम उर्फ बैल मोबाइल से वीडियो बना रहा था। आरोप है कि उसने महिला को पुलिस के पास जाने से रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद पुलिसकर्मी महिला को भीड़ के बीच से बाहर निकालने में सफल रहे। उससे आवश्यक जानकारी लेकर सरकारी रजिस्टर में उसका विवरण दर्ज करने लगे।
महिला का बयान दर्ज किए जाने के दौरान ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि सद्दाम, उसके पिता समरुद्दीन, फखरुद्दीन और उनके अन्य परिजन पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख आरक्षी दीपक राय ने अपने साथी मोहम्मद आरिफ से तत्काल कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक को घटना की सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने के लिए कहा। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही भीड़ ने अतिरिक्त फोर्स बुलाने की बात सुनी, उग्र होकर मारपीट शुरू कर दी।
लकड़ी के टाल से चैले उठाकर किया हमला
एफआईआर के अनुसार, समरुद्दीन, सद्दाम उर्फ बैल, फखरुद्दीन, सिराज और अन्य लोगों ने पास में मौजूद लकड़ी के टाल से चैले उठा लिए और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई, उन्हें गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। हमले में आरक्षी दीपक राय और मोहम्मद आरिफ को चोटें आईं।
वीडियो बना अहम साक्ष्य, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित
पुलिस ने तहरीर में उल्लेख किया है कि पूरी घटना का वीडियो उपलब्ध है। वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि वीडियो के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान भी आसान होगी। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी का कहना है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं।