मेट्रोमैन श्रीधरन लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना से नहीं जुड़ेंगे। श्रीधरन को यह प्रस्ताव भेजा जाना तो दूर की बात है, अब तक प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन तक नहीं किया है।
दूसरी ओर ऐसा कहा जा रहा है कि श्रीधरन ने भी ऐसे किसी प्रोजेक्ट से जुड़ने को लेकर इन्कार कर दिया है।
ऐसे में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर बढ़-चढ़ कर प्रचारित प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में जाने की आशंका बहुत बढ़ गई है।
करीब दो सप्ताह पहले लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का सलाहकार बनाए जाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को एलएमआरसी की ओर से भेजा गया था।
मगर अब तक प्रदेश सरकार ने इसका अनुमोदन नहीं किया है। जबकि, प्रचारित यहां तक कर दिया गया था कि श्रीधरन पूरी तरह से इस परियोजना से जुड़ने के लिए तैयार हैं।
एलएमआरसी के अधिकारी बस इतना कहने को राजी हैं कि उनको अभी तक सरकार की ओर से इस आशय का कोई भी अनुमोदन नहीं प्राप्त हुआ है। एमडी राजीव अग्रवाल का कहना है कि, उसको सरकार की ओर से अभी कोई अनुमोदन प्राप्त नहीं हो सका है।
दूसरी संस्था से जुड़ना मुमकिन नहीं
श्रीधरन बतौर सलाहकार डीएमआरसी से जुड़े हुए हैं। ऐसे में वे दूसरी संस्था से नहीं जुड़ पाएंगे। उनके बारे में कहा जा रहा है कि वे किसी अन्य परियोजना से अधिकृत तौर पर जुड़ने को लेकर तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर प्रदेश सरकार भी इस दिशा में कोई खास गंभीर नहीं नजर आ रही है।