इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन करने वाली पीएमआई कंपनी के चालकों ने शनिवार सुबह दुबग्गा डिपो के ड्यूटी लिपिक को पीट दिया।
इसके बाद दबाव बनाने के लिए 60 इलेक्ट्रिक सिटी बसें डिपो में खड़ी कर दीं। ये चालक अचानक ड्यूटी पर बुलाए जाने से चिढ़े थे।
इस दौरान आरोपी चालकों ने साथियों के साथ हंगामा किया और ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसें भी बंद कराने की कोशिश की।
इसके चलते सुबह दस बजे से लेकर रात नौ बजे तक करीब 11 घंटे सिटी बसें बंद रहने से सवारियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, इस दौरान लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी की बसें दौड़ती रहीं।
दुबग्गा डिपो में लिपिक को पीटने की घटना सुबह करीब 10 बजे उस समय हुई, जब पीएमआई के द्वारा चालकाें को बस संचालन के लिए घर से बुलाया गया। कंपनी की बस पर चालक पीएमआई और परिचालक सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी का तैनात होता है।
ये चालक आए और ड्यूटी लिपिक सुनील सिंह से अभद्रता करने लगे। कहा कि लिपिक के इशारे पर ही उन्हें घर से बुलाया गया है, जबकि लिपिक ने सफाई दी कि पीएमआई के द्वारा बुलाया गया था।
आरोप है कि शैलेंद्र, बृजेश, सुधीर चालकों ने गालीगलौज करते हुए लिपिक को पीटा और जबरियां बसों का संचालन बंद करा दिया। इससे सभी 60 इलेक्ट्रिक सिटी बसें खड़ी हो गईं।
छीनकर फाड़ दिए दस्तावेज, पुलिस ने खदेड़ा
सिटी बस के परिचालकों ने बताया कि पीएमआई कंपनी के चालकों ने लिपिक से बस संचालन के दस्तावेज छीने और फाड़ कर फेंक दिए। जब चालक काफी उपद्रव करने लगे तो 112 पर कॉल की। मौके पर पहुंची पुलिस ने चालकों का खदेड़ा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
तीन चालकों को निकालने का निर्देश
पीएमआई कंपनी को दुबग्गा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज शर्मा ने पत्र लिख करके तीन चालकों को नौकरी से निकालने का निर्देश दिया है। इन चालकों को निकाले जाने के बाद ही बस संचालन शुरू होगा।
- एमवी नाटू, मैनेजर (ऑपरेशन) लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी